

गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। संसद मार्च कर रहे युवाओं पर कथित दमनात्मक कार्रवाई के विरोध में सोशलिस्ट किसान सभा और पूर्वांचल किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को आजमगढ़ जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध जताया। किसान नेताओं ने कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों को लेकर संसद मार्च कर रहे युवाओं पर पुलिस कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करने, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को भंग कर पारदर्शी एवं जवाबदेह परीक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने मौलाना जौहर अली विश्वविद्यालय, रामपुर के ध्वस्तीकरण के आदेश को तत्काल निरस्त करने की भी मांग उठाई। उनका कहना था कि इससे शिक्षा संस्थानों की गरिमा और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा हो सकेगी। किसान संगठनों ने आजमगढ़ की नीट अभ्यर्थी सृष्टि यादव की आत्महत्या को एनटीए की विफलता बताते हुए परिजनों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की। साथ ही शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कारणों से आत्महत्या करने वाले अन्य अभ्यर्थियों के परिवारों को भी समान मुआवजा देने की मांग की। ज्ञापन में भारत–अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) का विरोध करते हुए इसे किसानों, युवाओं और शिक्षा के लिए नुकसानदायक बताया गया तथा इसे रद्द करने की मांग की गई। इसके अलावा पश्चिम बंगाल के रानीगंज में राहुल सांकृत्यायन की प्रतिमा तोड़े जाने की घटना की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और प्रतिमा को पुनः स्थापित करने की मांग भी की गई। प्रदर्शन में किसान नेता राजीव यादव, वीरेंद्र यादव, कलीम जमाई, विनोद यादव, सत्यम प्रजापति, अवधेश यादव, राज शेखर, महेंद्र यादव, नंदलाल यादव, यमुना प्रजापति, मनीष यादव, मुशीर शेरवानी, अमित मौर्य, कर्मवीर यादव और निशांत प्रजापति सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
