

गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। जिले में मतदेय स्थलों की सूची को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज हो गई है। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी रविन्द्र कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जनप्रतिनिधियों और मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय व राज्यीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में निर्वाचन आयोग के मानकों के अनुरूप मतदेय स्थलों के पुनर्संभाजन और अंतिम सूची तैयार करने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 1200 मतदाताओं के आधार पर मतदेय स्थलों का पुनर्संभाजन किया जा रहा है। सुझाव और आपत्तियों के निस्तारण के बाद अंतिम प्रस्ताव 25 जुलाई तक मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश को भेजा जाएगा, जबकि आयोग को प्रस्ताव 31 जुलाई तक प्रेषित किया जाएगा।बैठक में डीएम ने सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि 21 जुलाई को संबंधित जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों के साथ बैठक कर मतदेय स्थलों के संबंध में सुझाव और आपत्तियां प्राप्त करें। उनका तत्काल परीक्षण एवं सत्यापन कर 22 जुलाई की शाम तक अंतिम सूची तैयार कर भेजी जाए।उन्होंने राजनीतिक दलों से अपील की कि विधानसभा क्षेत्रवार मतदेय स्थल संबंधी अपने सुझाव एवं आपत्तियां 21 जुलाई तक जिला निर्वाचन कार्यालय या संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के यहां अवश्य उपलब्ध कराएं।डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्वाचन आयोग के मानकों के अनुसार ऐसे मतदान केंद्र, जो मुख्य गांव या बस्ती से अधिक दूरी पर हैं, उन्हें मतदान क्षेत्र के भीतर किसी सुविधाजनक भवन में स्थानांतरित किया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि किसी मतदाता को मतदान केंद्र तक पहुंचने के लिए दो किलोमीटर से अधिक दूरी तय न करनी पड़े। वहीं, जिन मतदान केंद्रों की स्थिति संतोषजनक है, भवन सुरक्षित हैं और मतदाताओं की संख्या 1200 से कम है, उनके स्थान में बदलाव न किया जाए।बैठक में सदर विधायक दुर्गा प्रसाद यादव, अतरौलिया विधायक संग्राम यादव, गोपालपुर विधायक नफीस अहमद, मुबारकपुर विधायक अखिलेश यादव, मेंहनगर विधायक पूजा सरोज, लालगंज विधायक बेचई सरोज, उप जिला निर्वाचन अधिकारी गंभीर सिंह तथा विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
