मंडलायुक्त की समीक्षा बैठक में लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई, निर्माण कार्यों और राजस्व वसूली में तेजी लाने के निर्देश

आजमगढ़ खास खबर आजमगढ़ शहर

गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। मंडलायुक्त विवेक ने शनिवार देर शाम अपने कार्यालय सभागार में एक करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली निर्माणाधीन परियोजनाओं, कर-करेतर वसूली, राजस्व कार्यों तथा नगरीय निकायों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी विकास और निर्माण कार्य शासनादेशों एवं निर्धारित नियमों के अनुरूप कराए जाएं, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो।निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान मंडलायुक्त ने कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया कि 90 प्रतिशत से अधिक पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं को तत्काल शत-प्रतिशत पूरा कराकर संबंधित विभागों को हैंडओवर किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं की समय सीमा बढ़ाई गई है, उन्हें निर्धारित अवधि के भीतर हर हाल में पूरा करना सुनिश्चित किया जाए।समीक्षा के दौरान बलिया जनपद में उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) द्वारा डिबार किए गए ठेकेदार से कार्य कराए जाने का मामला सामने आया। इस पर मंडलायुक्त ने कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधित अधीक्षण अभियंता के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की संस्तुति शासन को भेजने के निर्देश दिए। वहीं आवास विकास परिषद द्वारा बलिया के नौरंगा क्षेत्र में कराए जा रहे निर्माण कार्यों में अत्यधिक देरी पाए जाने पर संबंधित अधिशासी अभियंता से स्पष्टीकरण मांगा गया। यूपी सिडको और ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की कई परियोजनाओं में भी देरी मिलने पर संबंधित अधिकारियों को जवाब देने और कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।बैठक में जिलाधिकारी आजमगढ़ रविन्द्र कुमार द्वारा एक परियोजना में गुणवत्ता संबंधी कमी की जानकारी दिए जाने पर मंडलायुक्त ने अपर आयुक्त प्रशासन को विशेषज्ञों के साथ मौके पर निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।राजस्व एवं कर-करेतर वसूली की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने आबकारी विभाग को निर्देश दिया कि मंडल के किसी भी क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री न होने पाए। उन्होंने कच्ची शराब के निर्माण और बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने तथा इसमें शामिल लोगों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करने को कहा। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर प्रदर्शित प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने उद्योग विभाग को निर्देश दिया कि एमओयू मॉनिटरिंग में बलिया और मऊ जनपदों को अगले माह तक ‘बी’ ग्रेड से ‘ए’ ग्रेड में लाने का प्रयास किया जाए।मंडी आय और मंडी आवक में बलिया की स्थिति संतोषजनक न पाए जाने पर मंडी समिति के अधिकारियों को चेतावनी देते हुए एक माह के भीतर सुधार लाने के निर्देश दिए गए। पीएम स्वनिधि योजना की धीमी प्रगति पर मंडलायुक्त ने डूडा के अधिकारियों को बैंकों से समन्वय स्थापित कर समस्याओं का समाधान कराने के निर्देश दिए।बैठक के दौरान परिवहन विभाग की समीक्षा में यह तथ्य सामने आया कि मऊ में ट्रेड सर्टिफिकेट जारी करने का एक आवेदन लंबित रहने से जिले की रैंकिंग प्रभावित हुई है। इस संबंध में जानकारी देने के लिए संभागीय परिवहन अधिकारी बैठक में उपस्थित नहीं थे। इस पर मंडलायुक्त ने नाराजगी व्यक्त करते हुए उनका वेतन रोकने और स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए।नगरीय निकायों की समीक्षा में मंडलायुक्त ने सभी अधिशासी अधिकारियों को वित्तीय नियमावली का पूर्ण पालन करने, खरीद प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बरतने तथा अधिकतम खरीद ई-टेंडरिंग के माध्यम से कराने के निर्देश दिए। उन्होंने पिछले वर्षों में जलभराव और डेंगू प्रभावित क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां विशेष साफ-सफाई, फागिंग, जल निकासी और पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। बरसात के मौसम में किसी भी नगर क्षेत्र में जलभराव न हो, इसके लिए नाला सफाई और ड्रेनेज व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए।अपर आयुक्त प्रशासन प्रमोद कुमार पाण्डेय ने सभी नगर निकायों को सामुदायिक और सार्वजनिक शौचालयों के लंबित निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कराने, प्लास्टिक जब्ती अभियान तेज करने तथा मुख्य सड़कों की साफ-सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि सभी सफाई वाहनों में जीपीएस अनिवार्य रूप से लगाया जाए और नियमित रूप से फागिंग कराई जाए।बैठक में अपर जिलाधिकारी बलिया की अनुपस्थिति और विभिन्न बैठकों में लगातार गैरहाजिर रहने के मामले को गंभीरता से लेते हुए मंडलायुक्त ने उन्हें विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि दिए जाने के निर्देश दिए।

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