



गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। जिले के अतरौलिया थाना क्षेत्र के गोविन्दपुर निवासी वीरेन्द्र मौर्य ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर फर्जी डॉक्टरों पर कड़ी कार्रवाई और सीएमओ आजमगढ़ को पद से हटाने की मांग की है। प्रार्थी का आरोप है कि वर्ष 2022 में उनके छह वर्षीय पुत्र के हाथ का गलत इलाज किए जाने से बच्चे का हाथ गंभीर रूप से प्रभावित हो गया।वीरेन्द्र मौर्य के अनुसार, 23 नवंबर 2022 को उनके इकलौते पुत्र का दाहिने हाथ की कोहनी टूटने पर अतरौलिया स्थित निजी अस्पताल जयगुरुदेव में इलाज कराया गया था। आरोप है कि अस्पताल संचालक शिवशंकर यादव और सरवन मौर्य ने लापरवाहीपूर्वक अत्यधिक टाइट प्लास्टर बांध दिया, जिससे पांच दिन बाद बच्चे का हाथ बुरी तरह सड़ गया। शिकायत करने पर दोनों आरोपियों द्वारा धमकी देकर भगा देने का भी आरोप लगाया गया है।पीड़ित ने बताया कि बच्चे का इलाज आजमगढ़ से लेकर लखनऊ स्थित एसजीपीजीआई तक कराया गया, लेकिन हाथ पूरी तरह ठीक नहीं हो सका। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत और कार्रवाई के बाद अस्पताल सील किया गया, लेकिन बाद में सीएमओ आजमगढ़ द्वारा अस्पताल को पुनः खुलवा दिया गया।शिकायतकर्ता का कहना है कि मामले में सीएम पोर्टल, पीएम पोर्टल और मानवाधिकार आयोग में भी शिकायत की गई, लेकिन उचित कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि बिना डिग्री के शिवशंकर यादव अस्पताल चला रहे हैं तथा सत्येन्द्र वर्मा की एमबीबीएस डिग्री का इस्तेमाल कर अंजली मेडिकल स्टोर में पुनः अस्पताल संचालित किया जा रहा है।वीरेन्द्र मौर्य ने मांग की है कि शिवशंकर यादव और सरवन मौर्य के खिलाफ जान जोखिम में डालने और धोखाधड़ी के आरोप में कड़ी धाराओं में कार्रवाई कर जेल भेजा जाए। साथ ही, लाइसेंस के दुरुपयोग के आरोप में सत्येन्द्र वर्मा की डिग्री निरस्त करने और सीएमओ आजमगढ़ को पद से हटाने की भी मांग की गई है।पीड़ित ने जिलाधिकारी से निष्पक्ष जांच कर उनके बच्चे को न्याय दिलाने की अपील की है।
