



गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। जनपद की मार्टिनगंज तहसील एक बार फिर भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर चर्चा में है। तहसील में लगातार राजस्व विभाग के कर्मचारियों पर रिश्वतखोरी के आरोप सामने आने से प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। ताजा मामला कानूनगो रामबचन यादव के कथित रिश्वत वीडियो से जुड़ा है, जिसके वायरल होने के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।बताया जा रहा है कि वायरल वीडियो में कथित रूप से रिश्वत का लेन-देन दिखाई दे रहा है। हालांकि वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन आरोप है कि मामला सामने आने के बावजूद अब तक न तो कोई बड़ी विभागीय कार्रवाई हुई और न ही एफआईआर दर्ज की गई। स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा भी है कि मामले को केवल पैसे वापस कराकर शांत कराने की कोशिश की गई।गौरतलब है कि मार्टिनगंज तहसील में यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई राजस्व कर्मियों पर रिश्वतखोरी के आरोप लग चुके हैं। कुछ दिन पूर्व कानूनगो जयप्रकाश यादव को एंटी करप्शन टीम ने ₹5000 रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर जेल भेजा था। वहीं कानूनगो जुल्फेकार अहमद का कथित रिश्वत वीडियो भी वायरल हुआ था। इसके अलावा लेखपाल वैभव आनंद सिंह पर कैंसर पीड़ित व्यक्ति से जमीन पट्टा कराने के नाम पर रिश्वत मांगने के आरोप लगे थे।लगातार सामने आ रहे इन मामलों के बाद अब सवाल केवल कर्मचारियों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि पूरी प्रशासनिक व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर उठने लगा है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय नहीं की गई तो इससे भ्रष्टाचार को संरक्षण मिलने का संदेश जाएगा।फिलहाल पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में आक्रोश और चर्चाओं का माहौल है। लोग निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
