



गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। थाना मुबारकपुर क्षेत्र में हुए चर्चित सुशील हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि जमीन की खरीद-फरोख्त और पैसों के लेन-देन के विवाद में साथियों ने ही साजिश रचकर सुशील कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी थी।पुलिस के अनुसार, 21 मई 2026 को जहानागंज थाना क्षेत्र के कोढ़वा निवासी सुनील कुमार ने मुबारकपुर थाने में तहरीर देकर बताया था कि उसका भाई सुशील कुमार 20 मई की रात अपने साथी उमाशंकर उर्फ पिन्टू यादव के साथ चार पहिया वाहन से निमंत्रण में गया था। देर रात सूचना मिली कि रानीपुर गांव जाने वाले मार्ग पर हनुमान मंदिर के पास सुशील की गोली मारकर हत्या कर दी गई है।मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। क्षेत्राधिकारी सदर आस्था जायसवाल के नेतृत्व में हुई विवेचना के दौरान सीडीआर, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सीन रिक्रिएशन के आधार पर उमाशंकर यादव उर्फ पिन्टू और वीरेंद्र यादव उर्फ बिन्दु यादव का नाम सामने आया।पुलिस ने मंगलवार को कार्रवाई करते हुए उमाशंकर यादव उर्फ पिन्टू को सठियांव रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया। वहीं दूसरे आरोपी वीरेंद्र यादव उर्फ बिन्दु यादव को कोढ़वा अचलपार मार्ग स्थित मंदिर के पास से पकड़ा गया। उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त .315 बोर का तमंचा और दो जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए।पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि हत्या की योजना पहले से बनाई गई थी। घटना वाली रात उमाशंकर अपने वाहन से सुशील को लेकर सुनसान रास्ते पर पहुंचा, जहां जमीन और पैसों के विवाद को लेकर उसने सुशील के सिर में गोली मार दी। हत्या के बाद गाड़ी पर भी फायरिंग की गई ताकि मामला दूसरे लोगों पर डाला जा सके।पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या, एससी/एसटी एक्ट और आर्म्स एक्ट की धाराओं में कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय भेज दिया है।
