



गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आज़मगढ़ में जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट की फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया है। थाना सिधारी पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए फर्जी फर्मों के जरिए टैक्स चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में दो आरोपियों को पंजाब से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, 7 जुलाई 2025 को इस मामले में थाना सिधारी में मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर फर्जी फर्में बनाकर जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट का अनुचित लाभ उठा रहे थे, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान हो रहा था। पुलिस ने विकास कुमार निवासी लुधियाना, पंजाब और बलजीत सिंह निवासी फतेहगढ़ साहिब, पंजाब को पंजाब के गोबिंदगढ़ से गिरफ्तार किया गया। 29 अप्रैल 2026 को फतेहगढ़ साहिब कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड लेने के बाद 2 मई 2026 को आजमगढ़ कोर्ट में पेश किया जा रहा है। जांच में पता चला कि गिरोह ने कई फर्जी फर्में बनाई थीं, जिनमें पंकज इंटरप्राइजेज, भोलानाथ इंटरप्राइजेज, शिवम ट्रेडर्स और वी.के. इंटरप्राइजेज शामिल हैं। इन फर्मों के जरिए कागजों में करोड़ों की सप्लाई दिखाकर फर्जी आईटीसी क्लेम किया जाता था। पुलिस लाइन सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि आरोपियों ने 41. करोड़ 93 लाख रुपये की आउटवर्ड सप्लाई दिखाकर करीब 7 करोड़ 54 लाख रुपये के टैक्स क्रेडिट का फर्जी लाभ लिया, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ। जांच में सामने आया कि विकास कुमार ने फर्जी फर्म खोलने के लिए अपने दस्तावेज दिए।बलजीत सिंह ने कई सिम कार्ड उपलब्ध कराकर फर्जी कंपनियों के संचालन में मदद की। एक ही मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कई फर्जी फर्मों में किया जा रहा था। इस मामले में BNS की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज है। पुलिस अब गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश में जुटी है। इस कार्रवाई में थाना सिधारी पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम की अहम भूमिका रही।
