


गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री व सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने अतरौलिया स्थित निरीक्षण भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने राज्य की राजनीति, महिला आरक्षण और प्रशासनिक मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखते हुए विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज किया।प्रेस वार्ता के दौरान मंत्री राजभर ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका संदिग्ध रही है। उन्होंने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, “जो लोग अपने घर की महिलाओं की सुरक्षा नहीं कर सके, वे देश की महिलाओं की सुरक्षा की बात कैसे कर सकते हैं?” उन्होंने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण बिल के समय विपक्ष ने दोहरा रवैया अपनाया और इसका विरोध किया।सरकार के भीतर प्रशासनिक खींचतान के आरोपों को खारिज करते हुए मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों का स्थानांतरण तय नियमों के अनुसार होता है और इसमें किसी प्रकार की खींचतान नहीं है। साथ ही पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि उनके समय में तबादला-पोस्टिंग “धंधा” बन गया था। वहीं, कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भी मंत्री ने विपक्ष को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता प्रदेश में अराजकता फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब की मूर्तियों को नुकसान पहुंचाने और सामाजिक कार्यक्रमों में बाधा डालने जैसी घटनाएं विपक्ष की मानसिकता को दर्शाती हैं।सरकार के कामकाज का उल्लेख करते हुए मंत्री राजभर ने बिजली आपूर्ति में सुधार को प्रमुख उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि पहले की तुलना में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था बेहतर हुई है और सरकार विकास के मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि जनता सरकार के कार्यों को समझ रही है और आगामी समय में इसका सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेगा।
