


गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़ में नशे के नाम पर चल रहे एक बड़े नेटवर्क का पुलिस ने पर्दाफाश किया है, जहां आयुर्वेदिक और यूनानी दवाओं का दुरुपयोग कर युवाओं को जाल में फंसाया जा रहा था और उन्हें विदेश भेजकर मादक पदार्थ तस्करी के मामलों में फंसा दिया जाता था।इस पूरे मामले की शुरुआत बिलरियागंज थाना क्षेत्र से हुई, जहां एक युवक के भाई सुनील यादव ने शिकायत दर्ज कराई। आरोप था कि नौकरी दिलाने के नाम पर उसके भाई को विदेश भेजा गया, लेकिन वहां उसे नशीले पदार्थों के साथ फंसा दिया गया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की, जिसमें चौंकाने वाले खुलासे हुए। जांच में सामने आया कि “कामिनी विद्रावण रस” और “बरशाशा” जैसी दवाओं का नशे के तौर पर गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। ये दवाएं बिना चिकित्सकीय पर्चे के नहीं बेची जानी चाहिए, लेकिन जिले में इन्हें चोरी-छिपे बेचा जा रहा था। पुलिस के मुताबिक, यही गिरोह पहले युवाओं को नशे की लत लगाता है और फिर उन्हें विदेश में नौकरी का झांसा देकर भेजता है, जहां उन्हें मादक पदार्थों के साथ पकड़वाकर तस्करी के मामलों में फंसा दिया जाता है। मामले में रानी की सराय थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों—डॉ. फहीम खां और आदिल (निवासी सरायगंगा, नदवा सराय थाना घोसी, जनपद मऊ)—को गिरफ्तार किया है, जो इस नेटवर्क के सक्रिय सदस्य बताए जा रहे हैं।एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि यह नेटवर्क केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी पहुंच विदेशों तक है। हाल ही में एक युवक को अबू धाबी एयरपोर्ट पर पकड़ा गया, जिस पर करीब 5 लाख दिरहम (लगभग 1 करोड़ 25 लाख रुपये) का जुर्माना लगाया गया और उसे कड़ी सजा का सामना करना पड़ रहा है।
