


गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। अतरौलिया स्थानीय निरीक्षण भवन में सोमवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान पंचायती राज मंत्री एवं ओमप्रकाश राजभर ने विपक्षी दलों, खासकर समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मतदाता सूची पुनरीक्षण और बदले हुए जातीय समीकरणों का हवाला देते हुए दावा किया कि आगामी चुनाव में सपा को अतरौलिया विधानसभा सीट पर बड़ी हार का सामना करना पड़ेगा। राजभर ने कहा कि मतदाता सूची में हालिया कटौती के बाद विपक्षी दलों में खलबली मच गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले सपा और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस फर्जी वोटिंग के सहारे चुनाव जीतती रही हैं। उनके मुताबिक अतरौलिया में करीब 28 हजार और आजमगढ़ सदर में लगभग 67 हजार नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, जिनमें बड़ी संख्या ऐसे लोगों की थी जो या तो मृत हो चुके थे या पलायन कर चुके थे।उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, सपा मृतकों के नाम पर भी फर्जी वोट डलवाती थी, जो अब संभव नहीं होगा। जातीय समीकरणों पर बोलते हुए राजभर ने कहा कि क्षेत्र में पिछड़ा और अति-पिछड़ा वर्ग अब जागरूक हो चुका है। उन्होंने दावा किया कि राजभर, निषाद, प्रजापति, बिंद, विश्वकर्मा और पटेल समाज एकजुट होकर गठबंधन के समर्थन में खड़ा है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सपा से नाराज कुछ यादव मतदाता भी अब चुपचाप गठबंधन की ओर रुख कर रहे हैं। राजभर ने सपा पर अपने ही समाज के गरीबों के शोषण का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे जनता में भारी आक्रोश है। अपनी उपलब्धियां गिनाते हुए उन्होंने बताया कि बीते एक वर्ष में अतरौलिया क्षेत्र के बीमार लोगों के इलाज के लिए करीब दो करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दिलाई गई है। साथ ही वह क्षेत्र के अधिकांश गांवों का दौरा कर चुके हैं और स्थानीय समस्याओं का मौके पर समाधान कराया जा रहा है।अंत में उन्होंने दावा किया कि बदले हुए समीकरण और विकास कार्यों के आधार पर सपा इस बार 50 से 60 हजार वोटों के अंतर से चुनाव हारेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया चुनाव आयोग के नियमों के तहत की गई है और इसमें किसी प्रकार का भेदभाव नहीं हुआ है।
