


गौरव श्रीवास्तव /अमन गुप्ता,आजमगढ़। स्थानीय निरीक्षण भवन में सोमवार को कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कई ज्वलंत मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखी। विपक्षी दलों की आलोचना से लेकर कानून व्यवस्था तक, उन्होंने हर सवाल का जवाब अपने चिर-परिचित अंदाज में दिया। मुख्यमंत्री के आगमन पर आजमगढ़ के स्कूलों में छुट्टी को लेकर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर राजभर ने कहा कि यह कोई स्थानीय निर्णय नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरे प्रदेश में छुट्टी घोषित थी, सिर्फ आजमगढ़ में नहीं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “समाजवादी पार्टी के लोग घबराए हुए हैं। उनकी घबराहट, हताशा और निराशा ही उनसे यह सब बुलवा रही है।” जीयनपुर थाना क्षेत्र में हुए एनकाउंटर के मामले पर, जिसमें भाजपा के एक बूथ अध्यक्ष के नामजद होने की बात कही जा रही है, राजभर ने पुलिस का पक्ष लिया। उन्होंने कहा: पुलिस ने अपनी जांच और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की है। जब तक अपराधी लूटपाट कर परिवार को पैसे देता है, तब तक सब खुश रहते हैं, लेकिन कार्रवाई होने पर शोर मचाया जाता है। करणी सेना के आरोपों पर उन्होंने कहा कि पुलिस और संगठनों के अपने-अपने विषय हैं, लेकिन कार्रवाई हमेशा ‘जांच’ के आधार पर ही होगी। राजभर ने समाजवादी पार्टी को घेरते हुए कहा कि उनके पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है। उन्होंने चुनौती दी कि सपा का कोई भी नेता रोहिणी आयोग या सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट लागू करने की बात सदन में क्यों नहीं करता? उन्होंने आरोप लगाया कि सपा केवल वोट की राजनीति करती है और पिछड़ों के हक का बंटवारा नहीं होने देना चाहती। भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ हो रहे कथित उत्पीड़न के सवाल पर उन्होंने कहा कि कानूनी कार्रवाई किसी पार्टी को देखकर नहीं, बल्कि अपराध को देखकर की जाती है। “चाहे वह सत्ता पक्ष का हो या विपक्ष का, जो दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी,” उन्होंने स्पष्ट किया। ”विपक्ष न सड़क पर बोलता है, न सदन में। वे केवल पिछड़ों का हक लूटकर खाते हैं, इसलिए सच बोलने से डरते हैं।”
