


गौरव श्रीवास्तव /अमन गुप्ता,आजमगढ़। अतरौलिया,नगर पंचायत क्षेत्र के बुधनिया रोड पर नाला निर्माण को लेकर चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। निर्माण कार्य में अनियमितता और भेदभाव के आरोपों के बीच अधिशासी अधिकारी विनय शंकर अवस्थी ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और कड़ा रुख अपनाते हुए 48 घंटे के भीतर अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया।स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि नाले का निर्माण मानकों के अनुरूप नहीं किया जा रहा है। कहीं मकानों को तोड़ा जा रहा है तो कहीं बचाया जा रहा है, जिससे नाले की दिशा टेढ़ी-मेढ़ी हो रही है और जल निकासी प्रभावित होने की आशंका है। प्रभु दयाल अग्रहरि ने बिना पूर्व सूचना मकान का हिस्सा तोड़े जाने का आरोप लगाया, वहीं विकास अग्रहरि ने निर्माण कार्य में भेदभाव न करने और नाले को सीधी रेखा में बनाने की मांग की। मौके पर पहुंचे अधिशासी अधिकारी विनय शंकर अवस्थी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि नाला निर्माण में मुख्य बाधा एक धर्मशाला की दीवार है, जिसे सही दिशा में जल निकासी के लिए कुछ इंच पीछे करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि संबंधित पक्ष से इस संबंध में सहमति बन गई है।ईओ अवस्थी ने कहा, “नाली को सुचारू रूप से बनाने के लिए अतिक्रमण हटाना जरूरी है। संबंधित लोगों को 48 घंटे का समय दिया गया है। यदि निर्धारित समय में अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो प्रशासन इसे अवैध मानते हुए नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा।”उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जब तक पक्का निर्माण कार्य शुरू नहीं होता, तब तक जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए अस्थायी रूप से पटरा या ईंटें रखकर आवागमन सुचारू किया जाए।अधिशासी अधिकारी के हस्तक्षेप के बाद स्थानीय लोगों में नाला निर्माण कार्य के जल्द शुरू होने की उम्मीद जगी है। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि विकास कार्यों में बाधा बनने वाले अतिक्रमण को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
