गौरव श्रीवास्तव,आजमगढ़। महराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय के दूसरे दीक्षांत समारोह में मंगलवार को पहुंची राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने युवाओं को रोजगार से जुड़ने की सलाह दी। समारोह में उन्होंने 68 मेधावियों को मेडल और डिग्री का वितरण किया। साथ ही कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक भारत को जो विकसित राष्ट्र बनाने का सपना देखा है उसे युवा ही साकार करेंगे। इसलिए युवा रोजगार नहीं रोजगारदाता बने। संस्थानों में हासिल की गई शिक्षा का प्रयोग अगर वह अपने जीवन में नहीं करते हैं तो उनकी डिग्री व्यर्थ है।इस दौरान राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य समाज को जोड़ना और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में योगदान देना होना चाहिए। उन्होंने सभी उपाधि प्राप्त छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि आप भारत की नींव हैं, राष्ट्र प्रथम के संकल्प को लेकर आगे बढ़ें और देश की गरिमा बनाए रखें।नई शिक्षा नीति के अंतर्गत छात्रों के कौशल विकास और रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा मिलेट्स जैसे पोषणयुक्त अनाजों पर काम करना भविष्य की दिशा में एक बड़ा कदम है। हमारे यहां गुरु शिष्य की परंपरा है। इस परंपरों को फिर से जिंदा करने की जरूरत है। ज्ञान सिर्फ किताबों में नहीं संवाद और गुरु के सानिध्य में मिलता है। इसके लिए विद्यालयों में 75 फिसदी उपस्थिति अनिवार्य की गई है। अगर यह भी नहीं कर सकते तो घर जाओ खेती करो।हमें शिक्षा को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर, उसे व्यवहारिक जीवन में उतारने की ज़रूरत है। छात्रों को सीखने के साथ-साथ रिसर्च और नवाचार की ओर भी अग्रसर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा का पहला प्रयोग स्वयं के जीवन में होना चाहिए, अन्यथा डिग्री का कोई अर्थ नहीं रह जाता। कार्यक्रम में सबसे ज्यादा गोल्ड मेडल छात्राओं ने हासिल किए। इसे देख राज्यपाल ने कहा कि जिस प्रकार से छात्राएं आगे आ रही हैं, उसे देखते हुए अब महिला विश्वविद्यालय की आवश्यकता है।उन्होंने पास्को एक्ट के प्रभाव पर सवाल उठाते हुए छात्राओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि लड़कियों को अपने जीवनसाथी का चयन सोच-समझकर करना चाहिए और किसी भी तरह के लालच या छलावे से बचना चाहिए। इसके साथ ही विश्वविद्यालय को ऐसे संस्थानों का दौरा कराने को कहा जहाे यौन अपराधों के दोषी बंद हैं, ताकि छात्राएं उनकी मानसिकता और चालाकियों से परिचित हो सकेराज्यपाल ने गर्ल्स हॉस्टल और मेस की व्यवस्थाओं पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मेस में केवल कुक और सफाई कर्मी को ही प्रवेश दिया जाए। छात्राओं को हर पंद्रह दिन में एक बार स्वयं भोजन बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। क्योंकि यह भी उनका एक काम है। उन्होंने कहा कि उनके साथ एक टीम चलती है जो कार्यक्रम के दौरान हॉस्टल की सुविधाओं का जायजा लेती है और उसकी रिपोर्ट हमें सौंपती है। टीम की जांच में हॉस्टल में कहीं-कहीं शराब की बोतलें भी मिलती है। इसलिए विवि परिसर में बाहर का सामान बंद कराइए। तभी हम इसको नशे और ड्रग्स से बचा सकते हैं।राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 60 हजार करोड़ की पीएम सेतु योजना शुरू की गई। इससे देशभर की आईटीआई को जोड़कर युवाओं को रोजगार दिलाया जाएगा। सरकार रिसर्च और प्रोजेक्ट के लिए पैसे देने को तैयार नहीं है लेकिन डिमांड ही नहीं है। जब सरकार पैसा देने को तैयार है तो कोई इस पर काम तो करो।राज्यपाल ने कहा कि पिछली बार मेस की जो हालत थी वैसी ही है। उसमें कोई काम नहीं कराया गया है। अभी तक तक उसमें एग्झास्ट तक नहीं लगाया गया है। छात्रों की एक समिति बनाए जो मेस के लिए बाजार से अच्छे सामान की खरीद करे। साथ ही कुलपति से कहा कि विवि में कई जगह गंदगी मिली है तो वह स्वयं एक टीम बनाकर एक दिन खुद भी सफाई करें।राज्यपाल ने एक उदाहरण देते हुए कहा कि वह एक कृषि विवि में गई थीं। एक छात्र से बात की तो उस छात्र ने बताया कि वह कृषि विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहा है, लेकिन स्वयं ऑर्गेनिक खेती नहीं करता। अगर कोई छात्र ऐसा करता है तो अवार्ड नहीं दिया जाएगा। इसके लिए लोगों को जागरूक करें अगर जरूरत पड़े तो शिक्षक खुद जाएं और उनके माता पिता को आर्गेनिक खेती के बारे में समझाएं।राज्यपाल ने बताया कि वह एक विवि में गईं थी तो उन्होंने लाखों डिग्रियां इधर-उधर फेंकी हुई थी। मैंने उन्हें निकलवाया और डिजीलॉकर में सुरक्षित कराया। आज अगर किसी को डिग्री की जरूरत है तो वह घर बैठे डिजीलॉकर से अपनी डिग्री निकाल सकता है।राज्यपाल ने कहा कि आज भारत की 65 प्रतिशत आबादी युवा है। यह समय सिर्फ भारत ही नहीं पूरे विश्व में जगह बनाने की समय है। डिग्री का यह मतलब नहीं कि हमें सरकारी नौकरी ही चाहिए। सरकारी नौकरी नहीं है, क्योंकि टेक्नॉलोजी का युग है। इसलिए हमें आत्मनिर्भर बनना हे। पढ़ाई के बाद जो समय बचता है उसमें हमें अपने रोजगार के बारे में सोचना चाहिए।
