



गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना अतरौलिया पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने जानलेवा हमला और फायरिंग के दो अलग-अलग मामलों में तीन वांछित आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त भाला, फावड़ा, लाठी-डंडा और कारतूस का खोखा भी बरामद किया गया है।पुलिस के अनुसार, बेलसड़ी गांव निवासी त्रिलोकी यादव (62) ने 20 मई को थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि जमीन कब्जेदारी के विवाद को लेकर विपक्षियों ने उन पर और उनके परिजनों पर भाला, बांका, लाठी और फावड़े से हमला कर दिया। जान बचाकर घर में घुसने पर आरोपी वहां भी पहुंच गए और मारपीट करते हुए जान से मारने की धमकी दी। इस मामले में पुलिस ने बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। विवेचक उपनिरीक्षक मनीष कुमार विश्वकर्मा ने पुलिस टीम के साथ मुखबिर की सूचना पर शुक्रवार रात करीब 11:50 बजे अचलीपुर अंडरपास के पास से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में पंकज कुमार यादव और नीरज यादव पुत्र अवधराज यादव निवासी बेलसड़ी शामिल हैं। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर नन्दना तालाब, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के पास झाड़ियों से एक बांस का डंडा, एक फावड़ा और एक धारदार भाला बरामद किया।कार्रवाई करने वाली टीम में उपनिरीक्षक मनीष कुमार विश्वकर्मा, हेड कांस्टेबल मनीष कुमार सिंह, कांस्टेबल मनीष यादव और रिक्रूट कांस्टेबल घनश्याम शामिल रहे।दूसरे मामले में पुलिस ने फायरिंग के आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक 21 मई को दर्ज मुकदमे में आरोप था कि आपसी कहासुनी के बाद आरोपी अखिलेश वर्मा ने अपने साथियों के साथ गाली-गलौज की और कट्टे से फायर कर दिया। घटना में जान से मारने की नीयत से फायरिंग किए जाने का आरोप लगाया गया था। इस मामले में अखिलेश वर्मा, आनंद वर्मा और चार अन्य अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचक उपनिरीक्षक विश्वजीत पाण्डेय ने मुखबिर की सूचना पर शुक्रवार सुबह करीब 9:50 बजे शेरवा गांव के प्राथमिक विद्यालय के टीनशेड के पास से मुख्य आरोपी अखिलेश वर्मा पुत्र मोतीलाल (24) निवासी शेरवा को गिरफ्तार कर लिया।पुलिस ने बताया कि घटनास्थल से फील्ड यूनिट की टीम द्वारा पहले ही 7.65 बोर का खोखा कारतूस बरामद किया जा चुका है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक विश्वजीत पाण्डेय, कांस्टेबल उमेश कुमार सिंह और कांस्टेबल श्याममणि शामिल रहे।थाना अध्यक्ष देवेंद्र नाथ दुबे ने बताया कि दोनों मामलों में आरोपियों को मानवाधिकार आयोग और न्यायालय के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए हिरासत में लिया गया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
