आजमगढ़ में राष्ट्रीय लोक अदालत: 1,13,713 मुकदमों का निस्तारण, 21 बिछड़े दम्पत्तियों का भी हुआ पुनर्मिलन

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गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। शनिवार दीवानी न्यायालय परिसर में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न न्यायालयों में लंबित और प्री-लिटिगेशन समेत कुल 1,13,713 मुकदमों का निस्तारण किया गया। लोक अदालत का शुभारंभ जिला जज जय प्रकाश पांडेय ने हाल ऑफ जस्टिस में देवी सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलित कर किया।इस अवसर पर जिला जज ने उपस्थित अधिकारियों और वादकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि लोक अदालत आम लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण वैकल्पिक विवाद समाधान तंत्र है, जिसके माध्यम से आपसी सहमति से मामलों का त्वरित और सरल निस्तारण संभव होता है।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव नीतिका राजन ने बताया कि इस लोक अदालत में 21 दम्पत्तियों ने अपने मतभेद भुलाकर दोबारा साथ रहने का निर्णय लिया, जिससे कई बिखरते परिवार फिर से एकजुट हो गए।लोक अदालत में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के न्यायाधीश मुकेश कुमार सिंह ने 141 मामलों का निस्तारण किया। वहीं प्रधान पारिवारिक न्यायाधीश एहसानउल्लाह खान ने 81, पारिवारिक न्यायाधीश कोर्ट नंबर-1 प्रेम शंकर ने 53 और पारिवारिक न्यायाधीश कोर्ट नंबर-2 संदीपा यादव ने 60 मामलों का निस्तारण किया।इसके अलावा अपर जिला जज एंटी करप्शन अजय कुमार शाही ने 2, अपर जिला जज कमलापति ने 2, अपर जिला जज अजय कुमार श्रीवास्तव ने 16, एससी/एसटी कोर्ट के अपर जिला जज विजय कुमार वर्मा ने 2, पॉक्सो कोर्ट के अपर जिला जज संतोष कुमार यादव ने 15 तथा विशेष न्यायाधीश जैनुद्दीन अंसारी ने 708 मामलों का निस्तारण किया। फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर-2 के न्यायाधीश अमर सिंह ने 1 मामला, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सत्यवीर सिंह ने 3807, सिविल जज सीनियर डिवीजन अनुपम त्रिपाठी ने 53, न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट नंबर-16 आदेश प्रताप सिंह ने 465 और सिविल जज (जूनियर डिवीजन) फास्ट ट्रैक कोर्ट आस्था द्विवेदी ने 9 मामलों का निस्तारण किया।लोक अदालत के दौरान मंडल कारागार के कैदियों द्वारा बनाए गए मिट्टी के बर्तनों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। इस स्टॉल से कई न्यायिक अधिकारियों और आम लोगों ने खरीदारी भी की।

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