


गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। जिले में आगामी होलिका दहन के दृष्टिगत व्यापक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। जनपद में कुल 3593 स्थानों पर होलिका दहन का कार्यक्रम प्रस्तावित है, जिनमें से 194 होलिका दहन स्थल अतिसंवेदनशील, 186 होलिका दहन स्थल संवेदनशील तथा 3213 होलिका दहन स्थल सामान्य श्रेणी के चिह्नित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त होली पर्व के अवसर पर निकलने वाले कुल 14 जुलूसों को चिह्नित कर उनके लिए समुचित सुरक्षा व्यवस्था की गई है। होली पर्व के दौरान जनपद में 247 संवेदनशील स्थान (हॉटस्पॉट) चिह्नित कर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि पर्व को सकुशल, शांतिपूर्ण एवं सौहाद्र्रपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराने हेतु जनपद में कुल 3650 सुरक्षा कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसमें 2300 पुलिस कर्मी व 1350 होमगार्ड व पीआरडी जवान शामिल हैं। सुरक्षा व्यवस्था के अंतर्गत 50 थाना मोबाइल, 6 सर्किल मोबाइल भ्रमणशील रहेगी। 2 कम्पनी पीएसी तथा जनपद मुख्यालय से 300 अतिरिक्त पुलिस बल को विभिन्न क्षेत्रों में अराजक तत्वों एवं उपद्रवियों पर प्रभावी नियंत्रण हेतु तैनात किया गया है। साथ ही डायल-112, अग्निशमन दल एवं अन्य आवश्यक संसाधनों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गयी है।संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस द्वारा निरंतर पैदल एवं वाहन गश्त की जा रही है। अराजक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है तथा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की विशेष मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना या अफवाह को तत्काल चिन्हित कर विधिक कार्रवाई की जा सके। उन्होंने बताया कि संवेदनशील व विवादित स्थलों का थानों की पुलिस के अलावा राजपत्रित अधिकारियों द्वारा भ्रमण कर विवाद को समाप्त कराया जा चुका है। त्योहार के दौरान पुलिस भ्रमणशील रहेगी। विभिन्न प्वाइंओं पर डायल 112 की तैनाती की जाएगी। किसी भी आपात स्थिति अथवा सूचना हेतु तत्काल नजदीकी थाना, पुलिस हेल्पलाइन डायल-112 अथवा अग्निशमन सेवा 101 पर संपर्क किया जा सकता है। अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण ने स्पष्ट किया कि अफवाह फैलाना, भ्रामक/उत्तेजक पोस्ट सोशल मीडिया पर प्रसारित करना, धार्मिक या सामाजिक सौहाद्र्र बिगाडऩे का प्रयास करना अथवा शांति व्यवस्था बाधित करने का कोई भी कृत्य दण्डनीय अपराध है। ऐसे कृत्यों में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कठोरतम विधिक कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया, सार्वजनिक स्थलों एवं संवेदनशील क्षेत्रों में सतत निगरानी की जा रही है। ऐसे में सभी नागरिकों से अपेक्षा है कि वे कानून का पालन करें, संयम एवं जिम्मेदारी का परिचय दें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को उपलब्ध कराएं।
