


गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुलोचना मौर्या के आह्वान पर संयुक्त मंच के बैनर तले जनपद आजमगढ़ में महिला शिक्षकों ने टीईटी की अनिवार्यता के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का नेतृत्व जिलाध्यक्ष श्रीमती ज़किया परवीन ने किया। प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया।प्रदर्शनकारियों ने Supreme Court of India के हालिया फैसले और Right of Children to Free and Compulsory Education Act (आरटीई एक्ट 2009) की धारा 23 में वर्ष 2017 के संशोधन के तहत लागू की गई टीईटी अनिवार्यता पर कड़ी आपत्ति जताई। उनका कहना है कि आरटीई लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर इस प्रावधान को पूर्वव्यापी प्रभाव से लागू करना संवैधानिक सिद्धांतों, प्राकृतिक न्याय और सेवा नियमों के विरुद्ध है।शिक्षक नेताओं ने बताया कि इस निर्णय से उत्तर प्रदेश में लगभग दो लाख तथा देशभर में 20 लाख से अधिक शिक्षक प्रभावित हो सकते हैं। इससे शिक्षकों में मानसिक तनाव, चिंता और असुरक्षा की भावना बढ़ रही है, जिसका असर शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ सकता है।महिला शिक्षक संघ की एकमात्र मांग है कि उक्त निर्णय की तत्काल समीक्षा कर उसे पूर्णतः वापस लिया जाए, ताकि शिक्षकों के सम्मान और सेवा सुरक्षा की रक्षा हो सके।
