
गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव पूर्व मंत्री डॉ. अरविंद राजभर ने शुक्रवार को आजमगढ़ में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान 22 फरवरी 2026 को सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एव कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर के अध्यक्षता में होने वाली “सामाजिक समरसता महा रैली” को ऐतिहासिक बताते हुए इसे आगामी 2027 विधानसभा चुनाव का आगाज बताया। उन्होंने कहा कि अहरौला स्थित जनता इंटर कॉलेज मैदान में आयोजित होने वाली यह रैली सामाजिक समरसता, सर्व समाज की भागीदारी और विकास के मुद्दों को लेकर आयोजित की जा रही है।
डॉ. राजभर ने कहा कि आजमगढ़ में रैली आयोजित करने का उद्देश्य उन राजनीतिक धारणाओं को चुनौती देना है, जिनमें आजमगढ़ को समाजवादी पार्टी का गढ़ बताया जाता रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आजमगढ़ विकास की मुख्यधारा से अब तक पूरी तरह नहीं जुड़ पाया है और सुभासपा का लक्ष्य सामाजिक विभाजन को समाप्त कर सर्व समाज को साथ लेकर आगे बढ़ना है।
उन्होंने बताया कि इस रैली में विभिन्न दलों के नेता शामिल होंगे। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के आने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा राज्यसभा सांसद अनंत राय, स्थानीय भाजपा नेता तथा शिवसेना के प्रदेश अध्यक्षों के शामिल होने की बात भी कही गई। हालांकि मुख्यमंत्री के विदेश दौरे के कारण उनके शामिल होने की संभावना नहीं है, लेकिन सरकार की ओर से प्रतिनिधि भेजे जाने की बात कही गई है।
डॉ. राजभर ने विपक्ष पर संविधान और आरक्षण को लेकर जनता को भ्रमित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने लोकसभा चुनाव के दौरान संविधान खतरे में होने का मुद्दा उठाया, लेकिन संसद में इस पर कोई ठोस चर्चा नहीं की गई। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि एसआईआर प्रक्रिया को लेकर लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं और चुनाव आयोग की प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है।
यूजीसी बिल पर पार्टी का रुख स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि सुभासपा सभी वर्गों को समान अधिकार देने की पक्षधर है और किसी भी वर्ग के साथ भेदभाव स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि संविधान के मूल सिद्धांतों के अनुरूप सभी वर्गों के अधिकारों की रक्षा होनी चाहिए।
प्रेसवार्ता में प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए डॉ. राजभर ने कहा कि कुछ अधिकारी जनहित के कार्यों को गंभीरता से नहीं लेते, जिससे सरकार की छवि प्रभावित होती है। उन्होंने ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।
डॉ. अरविंद राजभर ने कहा कि सुभासपा आगामी विधानसभा चुनाव में आजमगढ़ की सभी सीटों पर मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह स्वयं विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे, बल्कि संगठन को मजबूत करने पर ध्यान देंगे। उन्होंने कहा कि सुभासपा पूर्वांचल के 28 जिलों में संगठन विस्तार कर रही है और आगामी चुनाव में एनडीए गठबंधन को अधिकतम सीटें दिलाने का लक्ष्य है।
इस महारैली में सबसे खास बात या रहेगी 10000 से अधिक प्रबुद्ध ब्राह्मण रहेंगे। इसके साथ ही निषाद नाई, क्षत्रीय, चौहान सहित बड़ी संख्या में सर्व समाज के लोग भी पहुंचेंगे। यह रैली पूर्वांचल और प्रदेश को एक मजबूत संदेश देने का काम करेगी।
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अरविंद राजभर का कहना है कि आजमगढ़ जिले की जिस तरह से सभी 10 सीटों पर समाजवादी पार्टी का कब्जा है। और सपा समझती है कि यह उनका गढ़ है। ऐसे में जातीय भावनाओं को दूर करने के लिए ऐतिहासिक रैली होने जा रही है। हम लोगों की नजर आने वाले 2027 के विधानसभा चुनाव पर हैं। और हम लोग समाजवादी पार्टी के घमंड को तोड़ने का काम करेंगे।
विपक्ष ने 2024 के लोकसभा चुनाव में जिस तरह से संविधान को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं की थी। और सदन में चर्चा नहीं की गई है। वही शंकराचार्य के मामले पर चल रही चर्चाओं के सवाल पर राष्ट्रीय महासचिव का कहना है कि सम्मान तो हम छोटे ब्राह्मण का भी करते हैं सुहेलदेव समाज पार्टी अपमान करने की पक्षधर नहीं है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
