कुल 273 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच यूपी बोर्ड परीक्षाएं शुरू, हाईस्कूल में 6,353 जबकि इंटरमीडिएट में 6,091 परीक्षार्थ अनुपस्थित रहे

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कंट्रोल रूम की बिजली व्यवस्था पर उठे सवाल

गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। जिले में बुधवार से शुरू हुई उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाएं पहले ही दिन शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुईं। जिले के कुल 273 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा और सख्त निगरानी के बीच परीक्षाएं कराई गईं। पहले दिन हिंदी विषय की परीक्षा में छात्र-छात्राओं में खासा उत्साह देखने को मिला।प्रथम पाली में हाईस्कूल के छात्र-छात्राओं ने हिंदी की परीक्षा दी। परीक्षा देकर बाहर निकले विद्यार्थियों ने प्रश्नपत्र को औसत स्तर का बताया और कहा कि अधिकांश प्रश्न पाठ्यक्रम के अनुरूप थे। हालांकि कुछ छात्रों ने संस्कृत से जुड़े श्लोकों को अपेक्षाकृत कठिन बताया। वहीं दूसरी पाली में इंटरमीडिएट के छात्र हिंदी एवं सामान्य हिंदी की परीक्षा में शामिल हुए। नकलविहीन परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा व्यापक इंतजाम किए गए थे। परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश से पहले परीक्षार्थियों की सघन चेकिंग की गई। प्रवेश पत्र के साथ आधार कार्ड लाना अनिवार्य रहा, जबकि किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, मोबाइल फोन और स्मार्ट वॉच पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया था। पहली पाली में कक्षा 10वीं के लिए पंजीकृत 83,611 छात्र-छात्राओं में से 77,258 उपस्थित रहे, जबकि 6,353 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। वहीं दूसरी पाली में इंटरमीडिएट के लिए पंजीकृत 86,662 छात्रों में से 80,571 ने परीक्षा दी, जबकि 6,091 छात्र परीक्षा में शामिल नहीं हुए। परीक्षा के पहले दिन कहीं से भी किसी प्रकार की अव्यवस्था या नकल की सूचना नहीं मिली। अधिकारियों ने बताया कि आगामी परीक्षाओं में भी इसी तरह सख्त निगरानी और व्यवस्था बनाए रखी जाएगी।बोर्ड परीक्षा की निगरानी के लिए राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में बनाए कंट्रोल रूम की तकनीकी व्यवस्था इन दिनों सवालों के घेरे में है। बिजली आपूर्ति बाधित होते ही कंट्रोल रूम का कंप्यूटर सिस्टम स्वतः बंद हो जा रहा है, जिससे निगरानी और रिकॉर्डिंग से जुड़े कार्य प्रभावित हो रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि हर बार लाइट जाते ही कर्मचारियों को जनरेटर चालू कर सिस्टम को दोबारा शुरू करना पड़ता है।कंट्रोल रूम में कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए प्रभावी पावर बैकअप की व्यवस्था नहीं है। यूपीएस अथवा अन्य वैकल्पिक बिजली व्यवस्था के अभाव में सिस्टम अचानक बंद हो जाता है, जिससे डाटा के नुकसान की आशंका भी बनी रहती है। कई बार सिस्टम री-स्टार्ट होने में लंबा समय लगने से महत्वपूर्ण सूचनाओं की निगरानी प्रभावित हो रही है। कंट्रोल रूम प्रभारी एडीआईओएस वीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि लाइट जाने के बाद तत्काल जनरेटर चालू किया जा रहा है। ताकि किसी भी प्रकार से परीक्षा केंद्रों की निगरानी प्रभावित न हो सके। हालांकि सुबह की पाली में लाइट नहीं गई है। हमारा प्रयास है कि कंट्रोल रूम में इनवर्टर की व्यवस्था हो जाए।

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