सैकड़ों साल पुराने पोखरे पर कब्जे का आरोप, समाधान दिवस में भड़का जनआक्रोश, भाजपा नेता ने प्रशासन पर मिलीभगत का लगाया गंभीर आरोप

आजमगढ़ खास खबर आजमगढ़ शहर

गौरव श्रीवास्तव,आजमगढ़। शहर के बीचों-बीच स्थित सैकड़ों वर्ष पुराने एक पोखरे पर अवैध कब्जे को लेकर सोमवार को तहसील समाधान दिवस में जमकर हंगामा हुआ। आपको बता दे की राजकीय पॉलिटेक्निक स्कूल के बगल स्थित चौराहे के पास मौजूद पोखरे का है, जिसकी आराजी संख्या 204, रकबा 920 कड़ी तथा भूमि श्रेणी 132 (सार्वजनिक भूमि) बताई जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार इस भूमि की अनुमानित कीमत करीब 30 से 35 करोड़ रुपये है।आरोप है कि उक्त सार्वजनिक पोखरे पर भू-माफियाओं द्वारा विकास प्राधिकरण, तहसील और पुलिस विभाग की मिलीभगत से दबंगों के बल पर कब्जा किया जा रहा है। इसको लेकर मोहल्ले व शहर के सैकड़ों लोग तहसील समाधान दिवस में पहुंचे और अधिकारियों से शिकायत की।जनमानस का नेतृत्व कर रहे भाजपा नेता विनय प्रकाश गुप्त ने समाधान दिवस में मौजूद सीआरओ और एसडीएम सदर गंगवार से पोखरे में हो रहे कथित अवैध निर्माण को तत्काल रोकने और भूमि की पैमाइश कराने की मांग की। आरोप है कि इस दौरान एसडीएम सदर ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि निर्माण आराजी संख्या 203 पर हो रहा है, न कि पोखरे की भूमि पर, और लोग बेवजह मामले को तूल दे रहे हैं।वहीं सीआरओ ने भी एसडीएम के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि निर्माण के लिए आदेश जारी है और आजमगढ़ विकास प्राधिकरण से नक्शा पास है, जिसे कोई भी नहीं रोक सकता। इस पर भाजपा नेता विनय प्रकाश गुप्त और अधिकारियों के बीच तीखी नोक-झोंक हो गई। विनय प्रकाश गुप्त ने कहा कि बिना पैमाइश के निर्माण जारी रहना न्याय के खिलाफ है और जब अधिकारी स्वयं पक्षकार बन जाएं तो आम जनता न्याय की उम्मीद कैसे करे।आरोप है कि अधिकारियों ने प्रार्थना पत्र लेने से भी इनकार कर दिया और शिकायतकर्ताओं को जहां जाना हो जाने की बात कही। इससे आक्रोशित होकर विनय प्रकाश गुप्त ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब सार्वजनिक मुद्दे उठाने वालों को इस तरह का व्यवहार झेलना पड़ रहा है, तो आम आदमी की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।बाद में भाजपा नेता ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रशासन की उदासीनता पर सवाल उठाते हुए कहा कि शासन-प्रशासन जनता और न्याय के बीच सेतु कब बनेगा, यह एक बड़ा यक्ष प्रश्न है।

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