

गौरव श्रीवास्तव,आजमगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में साइबर ठगी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत आजमगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन, अपर पुलिस अधीक्षक यातायात विवेक त्रिपाठी के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम श्रीमती आस्था जायसवाल के मार्गदर्शन में थाना साइबर क्राइम पुलिस ने ECCE शिक्षक पद पर नियुक्ति दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक अन्तरजनपदीय अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। अभियुक्त स्वयं को आजमगढ़ का बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) बताकर ECCE शिक्षक पद पर चयन/नियुक्ति पत्र दिलाने का झांसा देता था। इसके लिए उसने BSA के नाम से फर्जी ई-मेल आईडी बनाई थी तथा व्हाट्सएप व ट्रूकॉलर पर BSA का नाम व फोटो लगाकर अभ्यर्थियों को विश्वास में लिया। जनसेवा केंद्रों के क्यूआर कोड के माध्यम से ₹10,000 से ₹40,000 तक की धनराशि मंगाई जाती थी और रकम मिलते ही पीड़ितों के मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिए जाते थे।इस मामले में थाना साइबर क्राइम आजमगढ़ पर मु.अ.सं. 41/2025 धारा 318(4), 319(2), 340(2) BNS व 66C, 66D आईटी एक्ट 2008 के तहत दिनांक 25.12.2025 को मुकदमा पंजीकृत किया गया था। विवेचना के दौरान तकनीकी विश्लेषण व मोबाइल लोकेशन के आधार पर अभियुक्त राम सिंह पुत्र स्व. शिवगरुण, निवासी नैका महीन, झूंसी, प्रयागराज (वर्तमान पता: बेदीपड्डी चौराहा, भवरगढ़, धन्नूपुर, हंडिया, प्रयागराज), उम्र लगभग 30 वर्ष को कस्बा पट्टी, जनपद प्रतापगढ़ क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त के कब्जे से 02 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं, जिनके विश्लेषण में फर्जी ई-मेल आईडी, व्हाट्सएप प्रोफाइल, ECCE शिक्षक अभ्यर्थियों की सूची, टेलीग्राम ग्रुप के स्क्रीनशॉट सहित अन्य डिजिटल साक्ष्य प्राप्त हुए हैं। अभियुक्त के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्यवाही की जा रही है।
