

गौरव श्रीवास्तव, आजमगढ़। सुंदर गुरुद्वारा, मातबरगंज में 24 दिसंबर 2025 को सायं 7 बजे चार साहिबज़ादों एवं माता गुजरी जी की महान शहादत को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया। इस अवसर पर अमृतसर स्थित शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से पधारे ज्ञानी जगबीर सिंह जी ने कथा के माध्यम से संगत को चार साहिबज़ादों और माता गुजरी जी के बलिदान की प्रेरणादायी गाथा सुनाई।कार्यक्रम में सभी धर्मों के लोगों ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर चार साहिबज़ादों एवं माता गुजरी जी की शहादत को नमन किया और श्रद्धांजलि अर्पित की। कथा के दौरान ज्ञानी जगबीर सिंह जी ने बताया कि गुरु गोबिंद सिंह जी और माता जीतो जी के चारों पुत्र—साहिबज़ादा अजीत सिंह, साहिबज़ादा जुझार सिंह, साहिबज़ादा जोरावर सिंह एवं साहिबज़ादा फतेह सिंह—ने कम उम्र में ही साहस, धर्मनिष्ठा और न्याय के मूल्यों को अपनाया।उन्होंने आनंदपुर साहिब और चमकौर के युद्धों का उल्लेख करते हुए बताया कि किस प्रकार साहिबज़ादा अजीत सिंह और साहिबज़ादा जुझार सिंह ने चमकौर के युद्ध में अद्वितीय वीरता का परिचय देते हुए धर्म की रक्षा के लिए शहादत प्राप्त की। वहीं, छोटे साहिबज़ादे जोरावर सिंह और फतेह सिंह ने सरहिंद में अत्याचारों के बावजूद धर्म परिवर्तन से इनकार कर अपनी आस्था पर अडिग रहते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया।कथा के माध्यम से संगत को यह संदेश दिया गया कि चार साहिबज़ादों और माता गुजरी जी का बलिदान आज भी मानवता, समानता और अन्याय के विरुद्ध खड़े होने की प्रेरणा देता है। कार्यक्रम का समापन अरदास एवं शांति पाठ के साथ हुआ।
