
गौरव श्रीवास्तव,आज़मगढ़। जिले के देवगांव थाना क्षेत्र में पीड़ित से अवैध धनराशि मांगने के गंभीर आरोप पर एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच में दोषी पाए गए उपनिरीक्षक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर उसे निलंबित कर दिया गया और गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया गया।देवगांव थाना क्षेत्र के ग्राम मिर्जापुर निवासी आकाश चौहान पुत्र रामजियावन चौहान ने शिकायत दी कि ग्राम प्रधान सोनू प्रजापति व उनके साथियों ने पुरानी रंजिश में उनके साथ मारपीट की, जिसमें उन्हें चोटें आईं। शिकायत के आधार पर तीन नामजद अभियुक्तों के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना उपनिरीक्षक लालबहादुर प्रसाद को सौंपी गई थी।विवेचना के दौरान उ0नि0 द्वारा तीनों अभियुक्तों को जेल भेजने, चार्जशीट लगाने तथा त्वरित कार्रवाई करने के नाम पर पीड़ित से ₹5000 की अवैध धनराशि की मांग की गई। शिकायत मिलते ही एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बड़ी कार्रवाई की और स्वतंत्र जांच के लिए क्षेत्राधिकारी लालगंज को निर्देशित किया।जांच में उपनिरीक्षक लालबहादुर प्रसाद प्रथमदृष्टया दोषी पाए गए। रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि अवैध धनराशि मांगने की बात सत्य है, जो पुलिस विभाग की आचरण संहिता के विपरीत है।जांच निष्कर्ष के आधार पर उनके विरुद्ध थाना देवगांव पर मु0अ0सं0 441/2025 धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 में मुकदमा दर्ज कर हिरासत में लेकर विधिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही एसएसपी के आदेश पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि आकाश चौहान कि तहरीर पर थाना देवगांव में मारपीट का मुकदमा दर्ज किया गया था इस मुकदमे की विवेचना उपनिरीक्षक लालबहादुर प्रसाद द्वारा की जा रही थी लालबहादुर प्रसाद द्वारा इस मुकदमे में अभियुक्तों की गिरफ्तारी करने चार्जशीट लगाने और तुरंत कार्यवाई करने के लिए वादी से अवैध 5 हजार रुपये की मांग की गई इसकी सूचना वादी द्वारा शिकायत पुलिस अधीक्षक कार्यालय में जनसुनवाई में की गई जिसको तत्काल संज्ञान लेते हुए उपनिरीक्षक लालबहादुर के विरूद्ध भष्टाचार अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जा रहा है
