

गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने शुक्रवार को अतरौलिया स्थित निरीक्षण भवन में जनसंपर्क के दौरान पत्रकारों से खुलकर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन पर तीखे राजनीतिक हमले किए।विपक्ष के इस आरोप पर कि भाजपा अपने सहयोगी दलों को कमजोर कर रही है, राजभर ने कहा, “भाजपा पार्टियों को कमजोर नहीं करती, बल्कि नेता बनाने का काम करती है।” उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि भाजपा के सहयोग से ही पूर्व में माननीय मुलायम सिंह यादव मुख्यमंत्री बने। इसके अलावा अनुप्रिया पटेल, संजय निषाद और स्वयं ओमप्रकाश राजभर को भी भाजपा ने अपने गठबंधन में शामिल कर एक बड़े नेता के रूप में स्थापित किया है।अखिलेश यादव द्वारा लगाए गए आरोपों पर पलटवार करते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि अखिलेश यादव को दूसरों की चिंता छोड़कर अपना चिट्ठा संभालना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “अखिलेश यादव को इस जन्म में अब मुख्यमंत्री नहीं बनना है, वे अब अगले जन्म की तैयारी करें।”राजभर ने सपा के ‘PDA’ फॉर्मूले पर भी सवाल उठाए और कहा कि जब अखिलेश यादव 5 साल मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने नाई, गोंड, प्रजापति, विश्वकर्मा, चौहान, पाल, राजभर और निषाद समाज को धोखा दिया। जो समाज से दगा करेगा, उसे जनता कभी माफ नहीं करेगी।सपा नेताओं द्वारा सुभासपा में टिकट बेचने और रात के अंधेरे में सपा प्रमुख से गुप्त मुलाकात के दावों को राजभर ने सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान देने वाले लोग अनपढ़ और जाहिल हैं। हमारी पार्टी के पास कोई काली गाड़ी ही नहीं है, तो मुलाकात की बात कहाँ से आई? उन्होंने चुनौती देते हुए कहा, “अगर कोई एक भी व्यक्ति लाकर खड़ा कर दे कि हमने पैसे लिए हैं, तो मैं उसी दिन राजनीति छोड़ दूँगा।”सपा सांसद राजीव राय द्वारा ‘मंत्रीगिरी निकाल देने’ की धमकी पर राजभर ने कहा कि वह पहले अपनी जमानत बचाएं। कोर्ट ने उनके खिलाफ वारंट जारी कर दिया है और उन्हें 10 साल की सजा होने जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजीव राय ने रात के अंधेरे में दर्जनों यादवों की जमीन पर कब्जा किया है, जिसकी शिकायतें खुद यादव समाज के लोगों ने मुझे भेजी हैं।अतरौलिया विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने के सवाल पर राजभर ने कहा कि फिलहाल कोई चुनाव नहीं हो रहा है, लेकिन हम सभी 10 सीटों पर तैयारी कर रहे हैं। सीटों का बंटवारा गृहमंत्री अमित शाह तय करते हैं, जिसके बाद ही प्रत्याशी घोषित होगा। जनता जिसे चाहेगी, उसे लड़ाया जाएगा। उन्होंने अतरौलिया निरीक्षण भवन को अपना केंद्र बनाए रखने का कारण उसकी भौगोलिक स्थिति को बताया, जहाँ से गोरखपुर, बलिया, गाजीपुर और बनारस कम समय में पहुँचा जा सकता है।राजभर ने सपा और कांग्रेस के गठबंधन को ‘दो दगे हुए कारतूसों’ का मिलन बताया, जो 2017 में भी मिलकर लड़ चुके हैं और मात्र 47 सीटों पर सिमट गए थे। उन्होंने दावा किया कि इस बार उत्तर प्रदेश से समाजवादी पार्टी का पूरी तरह सफाया हो जाएगा और वे अपनी पुरानी सीटें भी नहीं बचा पाएंगे।
