

रामगोपाल यादव ‘शकुनि’ हैं, जो चश्मा वाले के नाम से जाने जाते हैं: शिवपाल यादव के पुराने बयान का दिया हवाला
गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आज़मगढ़। समाजवादी पार्टी और इंडिया गठबंधन के भीतर मची खींचतान पर अब विपक्षी नेताओं ने तीखे हमले शुरू कर दिए हैं। हाल ही में पीडीए की बैठक में मुरादाबाद के सांसद को न बुलाए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए राजनीतिक हलकों में सरगर्मी तेज हो गई है। नेताओं का दावा है कि सपा के भीतर आंतरिक असंतोष चरम पर है और जल्द ही पार्टी में एक बड़ी टूट देखने को मिल सकती है।पार्टी के अंदरूनी सूत्रों और विरोधी नेताओं का कहना है कि मुरादाबाद के सांसद को दरकिनार किया जाना यह साबित करता है कि कई बड़े नेता सपा नेतृत्व से बेहद नाराज हैं। वे अब अपना एक अलग गुट तैयार कर रहे हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि टीएमसी और शिवसेना की तर्ज पर समाजवादी पार्टी में भी जल्द ही एक बड़ा विभाजन होगा। इसके तहत नाराज नेता उत्तर प्रदेश विधानसभा से निकलकर सीधे दिल्ली का रुख करेंगे, जहां वे लोकसभा अध्यक्ष से मिलकर अपने एक अलग धड़े को मान्यता देने की मांग करेंगे।सपा के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव पर सीधा हमला बोलते हुए कहा गया कि वे हमेशा से राजभर और मौर्य समाज के लोगों को यादवों से कमतर और ‘नीच’ समझते आए हैं। चुनाव के समय वोट बटोरने के लिए तो वे हाथ जोड़ते हैं और पैर तक पकड़ते हैं, लेकिन चुनाव जीत जाने के बाद वे भेदभाव की राजनीति पर उतर आते हैं। यहाँ तक कि उनके घरों में इन समाजों के नेताओं के लिए खाना खाने के बर्तन तक अलग रखे जाते हैं। यह भी आरोप लगाया गया कि रामगोपाल यादव के खुद के घर में आधी आबादी अब सामान्य वर्ग के लोगों की हो चुकी है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिये।बयानों में यह साफ तौर पर कहा गया कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के असली हकदार केवल और केवल शिवपाल सिंह यादव हैं। वे न सिर्फ अध्यक्ष पद के बल्कि मुख्यमंत्री पद के भी वास्तविक दावेदार हैं। अखिलेश यादव पर आरोप लगाते हुए कहा गया कि उन्होंने अपने पिता और चाचा शिवपाल को धोखा देकर, तानाशाही और ‘हिटलरशाही’ के दम पर जबरन पार्टी पर कब्जा कर लिया है।शिवपाल यादव के एक पुराने बयान का हवाला देते हुए याद दिलाया गया कि उन्होंने खुद प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के गठन के समय कहा था कि सपा में एक ‘शकुनि’ बैठा है, जिसे लोग ‘चश्मा वाला’ के नाम से जानते हैं। शिवपाल जी ने ही यह बयान दिया था कि समाजवादी पार्टी अब गरीबों की जमीन कब्जा करने वाले चोर-उचक्कों और शराब माफियाओं के चंगुल में फंस चुकी है और ऐसी पार्टियां लंबे समय तक नहीं चला करतीं।बाइट कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर
