
गौरव श्रीवास्तव,आजमगढ़। शहर से लेकर देहात तक लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के गले की फांस बन गई हैं। बिजली विभाग ने इन मीटरों को पारदर्शिता और सुविधा बढ़ाने के उद्देश्य से लागू किया था, लेकिन अब यह प्रणाली तकनीकी खामियों से जूझ रही है। विद्युत उपभोक्ताओं का कहना है कि प्रीपेड स्मार्ट मीटर के कारण उन्हें रोजाना रिचार्ज और बैलेंस कटने की झंझट झेलनी पड़ रही है। मीटर लगने के बाद कई कई माह से बिल नहीं आ रहे है, जिनके बिल आए हैं उनके रकम देखकर होश फाख्ता हो चुके हैं। उपभोक्ता जब अधिकारियों के पास अपनी समस्या लेकर पहुंच रहे तो उन्हें तकनीकी खामी बताकर लौटा दिया जा रहा है। यही कारण है कि विद्युत उपभोक्ता स्मार्ट मीटर नहीं लगवाना चाह रहे हैं। स्मार्ट मीटर लगाने वाले कर्मचारियों को कई जगह विरोध का सामना करना पड़ रहा है।आपको बता दे की पुरानी कोतवाली आसिफ गंज मोहल्ले में बिजली विभाग के तरफ से स्मार्ट मीटर लगाए जाने का स्थानीय लोगों ने विरोध किया। स्थानीय लोगों का कहना है कि विभाग के द्वारा जबरदस्ती मीटर लगाया जा रहा है। जब हमारा मीटर सही है तो बदलने की क्या जरूरत है। लोगों के विरोध को देखते हुए मौके पर पुलिस बुलवाकर जबरदस्ती मीटर लगाया जा रहा है । वहीं दुकानदारों का कहना है कि विभाग धमकी देकर स्मार्ट मीटर लगा जा रहा है। जब इस संबंध में विद्युत विभाग के जेई से बात की गई तो उनका कहना है कि सरकार के द्वारा मीटर लगाने का अभियान चल रहा है जिससे हम लोग इस कार्य को पूरा कर रहे हैं। जबकि इस संबंध में कोर्ट का भी निर्देश है कि किसी भी उपभोक्ता को परेशान ना किया जाय और जबरदस्ती मीटर नहीं लगाया जाय।
