

गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़ में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त जारी होने के उपलक्ष्य में किसान उत्सव दिवस का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर जनपद मुख्यालय स्थित कृषि विज्ञान केंद्र, कोटवा में जनपद स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया, जबकि जनपद के समस्त विकास खंडों की विभिन्न ग्राम पंचायतों में भी कार्यक्रमों का आयोजन कर बड़ी संख्या में किसानों की सहभागिता सुनिश्चित की गई।कृषि विज्ञान केंद्र, कोटवा में आयोजित जनपद स्तरीय कार्यक्रम के मुख्य अतिथि घनश्याम पटेल, प्रदेश महामंत्री, किसान मोर्चा रहे। उन्होंने उपस्थित किसान भाई-बहनों को संबोधित करते हुए कहा कि कृषि क्षेत्र को अधिक समृद्ध एवं लाभकारी बनाने के लिए किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाने के साथ-साथ अपनी पारंपरिक एवं प्राचीन कृषि पद्धतियों को भी संरक्षित रखना चाहिए। आधुनिक तकनीक और पारंपरिक ज्ञान के समन्वय से खेती को अधिक टिकाऊ, उन्नत एवं लाभकारी बनाया जा सकता है।इस अवसर पर जनपद के लगभग 6 लाख 48 हजार से अधिक किसान पीएम-किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त से लाभान्वित हुए। किसानों ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की किस्त जारी होने के कार्यक्रम का सजीव प्रसारण उत्साहपूर्वक देखा एवं सुना। योजना के माध्यम से किसानों को मिलने वाली आर्थिक सहायता को कृषि कार्यों में सहायक बताते हुए उन्होंने सरकार की किसान हितैषी पहल की सराहना की।कार्यक्रम में उप कृषि निदेशक आशीष कुमार ने किसानों को कृषि की नवीनतम वैज्ञानिक तकनीकों, प्राकृतिक एवं पारंपरिक खेती, फसल विविधीकरण, मृदा स्वास्थ्य तथा कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी एवं किसान हितैषी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने किसानों को नवीन कृषि पद्धतियों को अपनाकर उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाने तथा उपलब्ध सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।जनपद के सभी विकास खंडों एवं ग्राम पंचायतों में आयोजित किसान उत्सव दिवस कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य किसानों को शासन की योजनाओं से जोड़ना, कृषि क्षेत्र में हो रहे नवाचारों एवं आधुनिक तकनीकों के प्रति जागरूक करना तथा उनकी आय में वृद्धि के लिए प्रोत्साहित करना रहा।जनपद स्तरीय कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष डॉ. अखिलेश यादव, उप कृषि निदेशक आशीष कुमार, जिला कृषि अधिकारी सदानंद चौधरी, जिला कृषि रक्षा अधिकारी हिमांचल सोनकर एवं भूमि संरक्षण अधिकारी हरिराज सिंह सहित कृषि विभाग एवं कृषि विज्ञान केंद्र, कोटवा के वैज्ञानिक, अधिकारी एवं कर्मचारीगण, सम्मानित किसान भाई-बहन तथा छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
