विश्व स्ट्रोक दिवस पर सीएमओ की अपील, लक्षण दिखते ही मरीज को पहुंचाएं अस्पताल

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उच्च रक्तचाप, मधुमेह और धूम्रपान से बढ़ता है स्ट्रोक का खतरा, समय पर इलाज से बच सकती है जान

गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। विश्व स्ट्रोक दिवस के अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय के सभाकक्ष में जागरूकता बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.आर. वर्मा ने लोगों को स्ट्रोक के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि उच्च रक्तचाप, मधुमेह, धूम्रपान, मोटापा और शारीरिक निष्क्रियता स्ट्रोक के प्रमुख कारणों में शामिल हैं। उन्होंने जनपदवासियों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और बीमारी के लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने की अपील की।सीएमओ ने बताया कि स्ट्रोक एक गंभीर चिकित्सकीय स्थिति है, जिसमें मस्तिष्क के किसी हिस्से में रक्त की आपूर्ति बाधित होने या मस्तिष्क में रक्तस्राव होने से कोशिकाएं प्रभावित होती हैं। समय पर उपचार नहीं मिलने पर मरीज को स्थायी दिव्यांगता का सामना करना पड़ सकता है। गंभीर मामलों में मरीज की जान भी जा सकती है। उन्होंने कहा कि स्ट्रोक के मामले में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है, इसलिए लक्षण दिखाई देते ही मरीज को तत्काल अस्पताल पहुंचाना चाहिए।उन्होंने बताया कि अचानक चेहरे का एक हिस्सा टेढ़ा होना, शरीर के एक तरफ हाथ या पैर में कमजोरी अथवा सुन्नपन आना, बोलने या बात समझने में परेशानी होना, देखने में दिक्कत, संतुलन बिगड़ना और अचानक तेज सिरदर्द होना स्ट्रोक के संभावित लक्षण हैं। ऐसी स्थिति में घरेलू उपचार करने या लक्षण अपने आप ठीक होने का इंतजार करने के बजाय तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए।बैठक में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अब्दुल अजीज ने कहा कि स्ट्रोक से बचाव के लिए उच्च रक्तचाप और मधुमेह की नियमित जांच कराना तथा उन्हें नियंत्रित रखना बेहद जरूरी है। लोगों को संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेने, नमक और वसायुक्त खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित करने तथा नियमित शारीरिक गतिविधियां अपनाने के लिए जागरूक किया जाना चाहिए।वहीं, डिप्टी सीएमओ एवं गैर-संचारी रोग (एनसीडी) के नोडल अधिकारी डॉ. मोहनलाल ने कहा कि स्ट्रोक के लक्षणों की समय पर पहचान और तत्काल उपचार से गंभीर जटिलताओं तथा दिव्यांगता के खतरे को कम किया जा सकता है। उन्होंने लोगों से धूम्रपान से दूर रहने, मदिरापान से बचने तथा रक्तचाप, रक्त शर्करा और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने की अपील की।सीएमओ ने जनपदवासियों से अपील की कि वे स्वयं जागरूक बनें और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी स्ट्रोक के लक्षणों एवं बचाव के उपायों की जानकारी दें। उन्होंने कहा कि समय पर पहचान, त्वरित अस्पताल पहुंच और उचित उपचार से मरीज की जान बचाने में मदद मिल सकती है।बैठक में डिप्टी सीएमओ डॉ. अविनाश झा, डॉ. आलेन्द्र कुमार, प्रभारी प्रचार-प्रसार मनीष तिवारी, एनसीडी सेल के समन्वयक दिलीप मौर्य, सी.पी. सिंह, बृजेश सिंह सहित विभिन्न संस्थाओं के प्रभारी एवं अन्य प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।

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