

गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। विकास खंड की ग्राम पंचायत जमीन नन्दना में विकास कार्यों में कथित वित्तीय अनियमितता और निर्माण कार्यों में मानकों की अनदेखी की शिकायत पर प्रशासनिक टीम ने स्थलीय जांच की। जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित तकनीकी टीम ने अमृत सरोवर, इंटरलॉकिंग सड़क और मनरेगा से जुड़े कार्यों का निरीक्षण कर मौके की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान शिकायतकर्ता और ग्राम प्रधान के बयान दर्ज किए गए तथा संबंधित अभिलेखों की भी पड़ताल की गई। जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपे जाने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।जांच के दौरान टीम ने सबसे पहले पंचायत भवन पहुंचकर मनरेगा से संबंधित अभिलेखों और कार्यों की समीक्षा की। इसके बाद पलया गांव में प्राथमिक विद्यालय से पिच रोड तक बने इंटरलॉकिंग मार्ग का निरीक्षण किया गया। टीम ने अमृत सरोवर का भी जायजा लिया और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता व तकनीकी मानकों के अनुरूप कार्य कराए जाने की स्थिति का परीक्षण किया।जेसीबी से खुदाई कराकर भुगतान निकालने का आरोपग्राम जमीन नन्दना निवासी शिकायतकर्ता किशमन ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर ग्राम प्रधान अरविंद यादव पर विकास कार्यों में अनियमितता का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि अमृत सरोवर के निर्माण में मजदूरों से काम कराने के बजाय जेसीबी मशीन से मिट्टी की खुदाई कराई गई। इसके बावजूद मनरेगा के मस्टररोल के माध्यम से लाखों रुपये का भुगतान निकाले जाने की शिकायत की गई है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।शिकायतकर्ता ने मुख्य पिच रोड से प्राथमिक विद्यालय तक करीब 400 मीटर लंबे इंटरलॉकिंग मार्ग के निर्माण में भी मानकों की अनदेखी किए जाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इस कार्य में मनरेगा और ग्राम निधि से बार-बार धनराशि निकाली गई। शिकायतकर्ता ने गांव के कुछ हिस्सों में अब भी पक्के रास्ते की सुविधा नहीं होने का हवाला देते हुए विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका जताई है।वर्ष 2022 में भी की गई थी शिकायतशिकायतकर्ता के अनुसार, इस मामले में वर्ष 2022 में भी शिकायत की गई थी, लेकिन उस समय प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी। अब जिलाधिकारी के निर्देश पर दोबारा जांच कराए जाने से मामले में कार्रवाई की उम्मीद बढ़ी है।इस संबंध में जिला कार्यक्रम अधिकारी हेमंत सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी के आदेश पर गठित तकनीकी टीम ने शिकायत में उठाए गए सभी बिंदुओं की जांच की है। टीम ने शिकायतकर्ता और ग्राम प्रधान, दोनों के बयान दर्ज किए हैं। मौके की स्थिति का तकनीकी परीक्षण करने के साथ संबंधित अभिलेखों और उपलब्ध तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।उन्होंने बताया कि विस्तृत जांच आख्या तैयार की जा रही है, जिसे शीघ्र ही जिलाधिकारी को सौंपा जाएगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
