

गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने विशेष अभियान बूथ निरीक्षण के दौरान कम्पोजिट विद्यालय सरायमन्दराज पल्हनी का औचक निरीक्षण कर बच्चों से आत्मीय संवाद करते हुए पठन-पाठन पर बल दिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी द्वारा विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों, छात्र-छात्राओं की उपस्थिति, मध्यान्ह भोजन, साफ-सफाई, शैक्षणिक संसाधनों तथा डिजिटल शिक्षा सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। साथ ही बच्चों से आत्मीय संवाद कर उनकी वास्तविक समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी भी ली जा रही है।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय के विभिन्न कक्षों में जाकर छात्र-छात्राओं से संवाद किया तथा उनसे किताबें पढ़वाकर एवं विषय से संबंधित प्रश्न पूछकर शिक्षा के गुणवत्ता स्तर को परखा। उन्होने बच्चों से पूछा आज क्या पढ़ाया गया है, बच्चों के कॉपी व किताब में जो लिखा गया था, उसे पढ़वाया। छात्र दिव्यांश गौतम द्वारा सभी प्रश्नों का सही उत्तर बताने पर जिलाधिकारी ने उसे शाबाशी देते हुए आगे बढ़ने हेतु प्रेरित किया। कक्षा में पढ़ा रही शिक्षिका द्वारा बताया गया कि आज नो बैग डे है, जिसके कारण बच्चों को सामान्य व्यवहारिक ज्ञान, खेल-खेल में शिक्षा आदि सूझ-बूझ का ज्ञान दिया जा रहा है।जिलाधिकारी ने विद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों एवं शिक्षण सामग्री का विद्यार्थियों के हित में प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यालय परिसर में स्वच्छता, पेयजल, शौचालय एवं अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि बच्चों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखते हुए उनकी रुचि, प्रतिभा एवं क्षमता के अनुरूप सीखने के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। बच्चों को निरंतर प्रोत्साहित एवं प्रेरित किया जाए, ताकि वे अपनी प्रतिभा को पहचानकर जीवन में आगे बढ़ सकें।जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं बच्चों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए विद्यालयों का नियमित निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जमीनी स्थिति का सत्यापन किया जाएगा तथा जहां भी कमियां पाई जाएंगी, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दूर कराया जाएगा।
