

गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन में 29 सितंबर से छह अक्टूबर तक चली नामांकन प्रक्रिया में कुल 19 प्रत्याशियों ने 38 सेट में पर्चे दाखिल किए थे। बुधवार को नामांकन पत्रों की जांच में दो प्रत्याशियों मनोज कुमार और चंद्रशेखर के पर्चे खारिज कर दिए गए। अब चुनावी मैदान में 17 प्रत्याशी रह गए हैं। नौ अक्टूबर को नाम वापसी के दिन पता चलेगा कि कोई प्रत्याशी नाम वापस लेता है या नहीं। इन 17 प्रत्याशियों में भाजपा के ध्रुव कुमार त्रिपाठी और सपा के डा. संजयन त्रिपाठी के अलावा वित्तविहीन शिक्षक महासभा के प्रत्याशी अजय सिंह शामिल हैं। 23 अक्टूबर को होने वाले मतदान के लिए निर्वाचन क्षेत्र के 17 जिलों में करीब 54 हजार शिक्षक मतदाता हैं।वित्तविहीन शिक्षक महासभा के प्रत्याशी अजय सिंह गुरुवार को गृह जनपद आजमगढ़ पहुंचे और इस दौरान उन्होंने शहर के हरबंशपुर क्षेत्र में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरानकहा की राजनैतिक दल शिक्षक निर्वाचन की इस सीट को चालाकी से दलीय व्यवस्था में कराना चाहते हैं जब की संवैधानिक व्यवस्था के अनुसार शिक्षक निर्वाचन की यह सीट शिक्षक कर्मचारियों के हितों के संरक्षण के लिए है। इस चुनाव से न तो सरकार बनती है और न ही बिगड़ती है मगर शिक्षकों के वोट से एक ऐसा प्रतिनिधि चुनने के समय है जो शिक्षक हित और शिक्षकों की समस्याओं के लिए सड़क एवं सदन पर उनकी आवाज़ उठाए और संघर्ष करें। उन्होंने कहा की सदन में पक्ष और विपक्ष से इतर एक ऐसा प्रतिनिधि शिक्षकों के वोट से जीत कर जाना चाहिए जो सदन के अंदर शिक्षकों और विद्यालयों की समस्याओं और आवश्यकता को अवगत कराते हुए बिना दबाव में आए संघर्ष कर सके । उन्होंने वित्तविहीन शिक्षकों को मानदेय सरकारी कोषागार से और उनका सेवा सुरक्षा तथा समान कार्य के लिए समान वेतन के अधिकार पाने तक लड़ाई लड़ने की बात कही। संस्कृत विद्यालयों और मदरसा को तोड़ने की सरकारी नीति के विरोध में सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करने की वचन दिया।
