

गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल ने रविवार 4 अक्टूबर को अपना स्थापना दिवस जनसेवा और जनसंघर्ष को समर्पित करते हुए मनाया। इस अवसर पर रशाद नगर में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में आम लोगों ने भी रक्तदान किया। शिविर का उद्घाटन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना आमिर रशादी ने किया।मौलाना आमिर रशादी ने कहा कि राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल का गठन मानव सेवा और जनसेवा के उद्देश्य से हुआ है। स्थापना दिवस के अवसर पर देश और प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में रक्तदान, पर्यावरण जागरूकता, गरीबों में वस्त्र वितरण, मरीजों को फल वितरण, बाढ़ पीड़ितों की सहायता, मेडिकल कैंप और अन्य सामाजिक अभियानों का आयोजन किया जा रहा है।राजनीतिक परिस्थितियों पर बोलते हुए मौलाना रशादी ने आरोप लगाया कि मुसलमानों को राजनीतिक रूप से हाशिये पर रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस, सपा और अन्य कथित सेकुलर दलों को मुसलमानों के मुद्दों पर खुलकर आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि अब मुस्लिम समाज को अपने राजनीतिक अधिकार और प्रतिनिधित्व के लिए स्वयं संघर्ष करना होगा।उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल आने वाले विधानसभा चुनाव 2027 में मजबूती से हिस्सा लेगी। साथ ही उन्होंने राजनीतिक दलों से सवाल किया कि वे मुस्लिम समाज को राजनीतिक भागीदारी और प्रतिनिधित्व देंगे या केवल चुनाव के समय समर्थन मांगेंगे।समाजवादी पार्टी के हालिया राज्यसभा प्रत्याशी चयन पर भी मौलाना रशादी ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मुस्लिम वोटों से चुने गए विधायकों के जरिए राज्यसभा जाने वाले प्रतिनिधियों से मुस्लिम समाज के हितों की उम्मीद की जाती है। उन्होंने सवाल किया कि आजम खान के परिवार, मौलाना तौकीर रजा के परिवार या किसी पसमांदा मुस्लिम को राज्यसभा भेजने पर विचार क्यों नहीं किया गया। उन्होंने सपा के राज्यसभा प्रत्याशी चयन को लेकर पार्टी की राजनीतिक प्राथमिकताओं पर भी सवाल खड़े किए।कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह, महासचिव तल्हा रशादी, यूथ विंग प्रदेश अध्यक्ष नुरुल हुदा, जिलाध्यक्ष मोतीउल्लाह शेख समेत अबसार शेख, आसिफ कुरैशी, मेराज खान, मनीराम गौतम, जैश अंसारी, इनामुल्लाह शेख, घनश्याम कन्नौजिया, अजीम, शहाब आलम, मो. फैसल, खालिद फलाही, मास्टर तारिक सहित पार्टी के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
