

गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। सातवें वेतन संशोधन की मांग को लेकर ऑल यूनियन एंड एसोसिएशन ऑफ बीएसएनएल, दिल्ली के आह्वान पर बीएसएनएल कर्मचारी यूनियन ने गुरुवार को लंच के दौरान सी-डॉट परिसर में सांकेतिक धरना दिया। कर्मचारियों ने लंबे समय से लंबित वेतन संशोधन को तत्काल लागू करने और वेतन समझौते की फाइल पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग उठाई।धरने की अध्यक्षता हरदरश राय ने की। इस दौरान बीएसएनएल कर्मचारी यूनियन के सहायक महासचिव आनंद कुमार सिंह ने कहा कि अफोर्डेबिलिटी क्लॉज में आवश्यक संशोधन नहीं किए जाने के कारण कर्मचारियों को उनका न्यायोचित अधिकार नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बीएसएनएल के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है और कर्मचारियों का धैर्य अब जवाब दे रहा है।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। साथ ही कर्मचारियों से संगठन की एकता बनाए रखते हुए आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान किया।रामफेर राम ने कहा कि बीएसएनएल डिजिटल इंडिया, स्वदेशी 4G-5G और भारत उद्यमी सहित विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं पर काम कर रहा है, इसके बावजूद कर्मचारियों के सातवें वेतन संशोधन की मांग लंबे समय से लंबित है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।धरने में वक्ताओं ने लंबित वेतन समझौते को मंजूरी देने, वेतन संशोधन लागू करने और कर्मचारियों के हितों की अनदेखी बंद करने की मांग की। अखिल भारतीय भारत संचार निगम लिमिटेड पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने भी धरने को समर्थन दिया।यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन के अगले चरण को और व्यापक एवं प्रभावी बनाया जाएगा। धरने में बड़ी संख्या में बीएसएनएल कर्मचारी और पदाधिकारी मौजूद रहे।
