

गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता आजमगढ़। रजिस्ट्री ऑफिस में कुछ दिन पूर्व मारपीट का वीडियो वायरल होने के बाद सामने आए आरोपों के मामले में अब नया मोड़ आ गया है। आरोप लगाने वाले बजरंगी गोंड के पिता शंकर राम गोंड ने मीडिया के सामने आकर अपने पुत्र द्वारा लगाए गए आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने कहा कि उनका न तो अपहरण हुआ और न ही उन्हें जबरन कहीं ले जाया गया, बल्कि उन्होंने अपनी इच्छा और पारिवारिक सहमति से अपनी जमीन का बैनामा किया है।मुबारकपुर थाना क्षेत्र के सुराई गांव निवासी शंकर राम गोंड ने बताया कि उन्होंने अपने गांव के ही एक व्यक्ति को 54 कड़ी आबादी की जमीन बेची है। उन्होंने बताया कि वह हृदय संबंधी बीमारी और माउथ कैंसर से पीड़ित हैं और इलाज के लिए पैसों की आवश्यकता थी। इसी वजह से उन्होंने अपनी जमीन बेचने का निर्णय लिया था।उन्होंने बताया कि जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए वह स्वयं रजिस्ट्री ऑफिस पहुंचे थे। इसी दौरान उनके पुत्र बजरंगी गोंड द्वारा पैसे के लेनदेन को लेकर विवाद किया गया। शंकर राम गोंड के अनुसार, उनके पुत्र का कहना था कि जमीन की बिक्री से मिलने वाला पैसा उसके खाते में भेजा जाए, जबकि जमीन उन्होंने अपने इलाज की आवश्यकता को देखते हुए स्वयं बेचने का निर्णय लिया था।शंकर राम गोंड ने यह भी आरोप लगाया कि रजिस्ट्री ऑफिस में हुए विवाद के दौरान उनका पर्स, एटीएम कार्ड और पैन कार्ड उनकी जेब से निकाल लिया गया। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि जमीन का सौदा उन्होंने किसी दबाव में नहीं, बल्कि अपनी इच्छा और पारिवारिक सहमति से किया था।शंकर राम गोंड ने अपने पुत्र बजरंगी गोंड द्वारा लगाए गए अपहरण के आरोप को पूरी तरह निराधार बताया। उनका कहना है कि उन्हें किसी ने अगवा नहीं किया था। उन्होंने अपनी मर्जी से गांव के ही व्यक्ति के पक्ष में 54 कड़ी जमीन का बैनामा किया और इसके बदले उन्हें पूरा भुगतान प्राप्त हो चुका है।उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो और उनके पुत्र द्वारा लगाए गए आरोपों के कारण मामले को अलग रूप दिया जा रहा है, जबकि वास्तविकता यह है कि जमीन उन्होंने स्वयं अपनी जरूरत और इलाज के लिए बेची है।शंकर राम गोंड ने प्रशासन से मामले में किसी प्रकार की कार्रवाई न करने की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि 54 कड़ी जमीन के बदले उन्हें क्रेता से पूरा पैसा मिल चुका है और वह अपनी इच्छा से जमीन बेच चुके हैं। उन्होंने प्रशासन से अपने पुत्र द्वारा लगाए गए आरोपों को गलत मानते हुए मामले को समाप्त करने की मांग की है।
