

गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने आजमगढ़ में समाजवादी पार्टी की अंतर्कलह और सहारनपुर में हुई ध्वस्तीकरण कार्रवाई को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला। सपा विधायक और बूथ अध्यक्ष के बीच हुई मारपीट को लेकर राजभर ने कहा कि सपा में अब किसी सिद्धांत की लड़ाई नहीं, बल्कि ठेकेदारी और वसूली को लेकर विवाद है।गोपालगंज में सपा विधायक नफीस अहमद और पार्टी के बूथ अध्यक्ष के बीच सर्वे को लेकर हुए विवाद पर राजभर ने आरोप लगाया कि सपा कार्यकर्ता ठेकेदारी में 35 प्रतिशत कमीशन मांगते हैं और आपस में ही लड़ रहे हैं कि ठेका कौन करेगा। उन्होंने सपा की स्थिति पर तंज कसते हुए कहा कि “विनाश काले विपरीत बुद्धि” वाली स्थिति हो गई है।पीडीए के नारे पर भी राजभर ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि अब इसका मतलब “पीट देगा आहिर या पीट देगा अशफाक” रह गया है और दोनों आपस में ही भिड़ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि सपा की इस अंतर्कलह का राजनीतिक लाभ एनडीए गठबंधन को मिलेगा। साथ ही कहा कि शिकायत और वीडियो फुटेज के आधार पर प्रशासन बिना दबाव के कार्रवाई करेगा।वहीं, सहारनपुर में मस्जिद ध्वस्तीकरण के मुद्दे पर विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए राजभर ने कहा कि कार्रवाई सरकार ने मनमाने तरीके से नहीं, बल्कि न्यायालय के आदेश के अनुपालन में की है। उनके मुताबिक संबंधित पक्ष को पहले नोटिस देकर अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया था।राजभर ने कहा कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के खिलाफ कार्रवाई में किसी धर्म के साथ भेदभाव नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हिंदू, मुस्लिम, सिख या ईसाई—किसी का भी अवैध निर्माण होने पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पूरी कानूनी प्रक्रिया समझे बिना सरकार पर आरोप लगाना सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी है।
