


गौरव श्रीवास्त/अमन गुप्ता,अतरौलिया/आजमगढ़। सपा विधायक डॉ. संग्राम यादव ने प्रदेश सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोला। रविवार को मंगितपुर में 22.50 लाख रुपये की लागत से निर्मित आरसीसी सड़क के लोकार्पण के अवसर पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता के ज्वलंत मुद्दों, किसानों की समस्याओं और युवाओं के आक्रोश से घबराई हुई है। इसी वजह से विधानसभा सत्र की अवधि लगातार कम की जा रही है।विधायक ने शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि पिछले 10 वर्षों में 26 हजार से अधिक प्राथमिक विद्यालय बंद हो चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि इस मुद्दे को प्रमाण के साथ विधानसभा में उठाया गया है। उन्होंने कहा कि युवा बेरोजगारी से परेशान हैं और नीट समेत कई प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं से अभ्यर्थियों में आक्रोश है। जब विपक्ष इन मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगता है तो सरकार बहस से बचने का प्रयास करती है।किसानों की समस्याओं का जिक्र करते हुए डॉ. संग्राम यादव ने कहा कि खाद की जरूरत के समय किसानों को समितियों पर घंटों लाइन लगानी पड़ी, इसके बावजूद उन्हें खाद नहीं मिल सकी। वहीं सिंचाई के लिए पानी की आवश्यकता के समय नहरें सूखी पड़ी रहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की घोषणाओं और जमीनी हकीकत में काफी अंतर है।सपा विधायक ने कहा कि पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक (पीडीए) की एकजुटता और सपा प्रमुख अखिलेश यादव के नेतृत्व से सरकार घबराई हुई है। उन्होंने कहा कि संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए उनकी पार्टी की लड़ाई जारी रहेगी। जनता अब जागरूक हो चुकी है और आने वाले समय में सरकार को इसका जवाब देगी।बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से पत्रकारों और सोशल मीडिया को लेकर जारी किए गए निर्देशों पर भी उन्होंने सवाल उठाए। विधायक ने कहा कि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने जैसा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी नाकामियों और बदहाली को छिपाने के लिए चौथे स्तंभ पर पाबंदी लगाने का प्रयास कर रही है।
