पेपर लीक कानून से विपक्ष घबराया, 2027 में जनता सपा को सिखाएगी सबक: ओमप्रकाश राजभर

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गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता आजमगढ़।प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने मंगलवार को अतरौलिया स्थित निरीक्षण भवन में जनसुनवाई के दौरान समाजवादी पार्टी और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता विपक्ष को उसका वास्तविक जनाधार दिखा देगी। अपनी चिर-परिचित ग्रामीण शैली में उन्होंने कहा, बतियाबा का हुतिया नहीं, मेहरबा तो खटिया नहीं… 2027 में सब समझ आ जाएगा।मीडिया से बातचीत में ओम राजभर ने पेपर लीक रोकने के लिए केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए कड़े कानून का समर्थन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सख्त प्रावधान किए हैं। उन्होंने कहा कि कानून में दोषियों के लिए 10 वर्ष तक की सजा और 10 करोड़ रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। उनका आरोप था कि विपक्ष इस कानून का विरोध इसलिए कर रहा है क्योंकि पिछली सरकारों में पेपर लीक कराने वाले गिरोहों को राजनीतिक संरक्षण मिलता था। ओम प्रकाश राजभर ने रामपुर स्थित जौहर विश्वविद्यालय और आजमगढ़ के विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि सपा शासनकाल में कई कार्य नियमों की अनदेखी कर किए गए। उन्होंने दावा किया कि महाराजा सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय सहित प्रदेश की अनेक विकास परियोजनाएं योगी आदित्यनाथ सरकार की देन हैं, जबकि विपक्ष उनका श्रेय लेने का प्रयास करता है। पिछड़ा वर्ग आरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने समाजवादी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सपा सरकार के दौरान 27 प्रतिशत पिछड़ा वर्ग आरक्षण का लाभ सीमित वर्ग तक ही पहुंचा।उन्होंने ये भी कहा है कि नाई, धोबी, प्रजापति, पाल, बिंद, निषाद, केवट, मल्लाह, राजभर, चौहान और पटेल समाज को उनका उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिला। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि यदि अखिलेश यादव में नैतिक साहस है तो वह पूर्वांचल में ऐसे लोगों के नाम बताएं जिन्हें उनकी सरकार में बड़े पदों पर नियुक्ति मिली हो। पूर्वांचल की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए राजभर ने कहा कि केवल राजनीतिक विरासत से जनता का विश्वास नहीं जीता जा सकता। उन्होंने कहा कि नेताओं को गांव-गांव जाकर लोगों के बीच रहकर उनकी समस्याओं को समझना चाहिए। उनका दावा था कि वर्ष 2027 का चुनाव जनता और विपक्ष के बीच वास्तविक जनाधार की परीक्षा साबित होगा। कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर योगी सरकार का बचाव करते हुए राजभर ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में दंगे और कर्फ्यू जैसी स्थिति नहीं बनी।

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