

गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। मृतक संघ के तत्वावधान में मंगलवार को अमिलो स्थित कार्यालय पर 32वां मृतक पुनर्जन्म दिवस मनाया गया। इस अवसर पर मृतक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल बिहारी मृतक ने संगठन द्वारा वर्षों से किए गए सामाजिक संघर्षों और उपलब्धियों का उल्लेख किया।उन्होंने कहा कि वर्ष 1976 से अब तक मृतक संघ ने सरकारी अभिलेखों में मृत घोषित किए गए लोगों, भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी और घूसखोरी के मामलों में न्याय दिलाने के लिए लगातार संघर्ष किया है। उनके अनुसार संगठन ने अनेक लोगों की जमीन और मकान वापस दिलाकर सामाजिक न्याय, मानवाधिकार और मौलिक अधिकारों की रक्षा में योगदान दिया है।लाल बिहारी ‘मृतक’ ने बताया कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के बाद राजस्व अभिलेखों के कंप्यूटरीकरण की दिशा में कार्य हुआ। उन्होंने कहा कि वर्ष 1985 से मुबारकपुर क्षेत्र में बाल एवं बंधुआ बाल श्रमिकों को मुक्त कराने के अभियान के तहत प्रशासन के सहयोग से 50 हजार से अधिक बच्चों को शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा गया।उन्होंने किसानों, महिलाओं, मजदूरों तथा सहकारी संस्थाओं में भ्रष्टाचार के खिलाफ संगठन की ओर से चलाए गए अभियानों का भी उल्लेख किया। साथ ही आरोप लगाया कि वर्षों पुराने मामलों से संबंधित सरकारी फाइलें और पुलिस की अंतिम रिपोर्ट गायब कर दी गईं, जिसके कारण उन्हें अब तक न्याय नहीं मिल सका।इस दौरान उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मृतक संघ को एक सीट पर समर्थन देने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि विधानसभा पहुंचने का अवसर मिला तो जनता से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाकर न्याय और मानवता के प्रति लोगों को जागरूक करने का प्रयास करेंगे।कार्यक्रम के अंत में 32वें मृतक पुनर्जन्म दिवस के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं एवं अभिनंदन दिया गया।
