आजमगढ़ टोल बचाने की होड़ बनी जानलेवा, कार की टक्कर से सात वर्षीय बच्ची गंभीर घायल

आजमगढ़ खास खबर आजमगढ़ शहर

गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता, आजमगढ़ अतरौलिया। टोल टैक्स बचाने के लिए ग्रामीण मार्गों का इस्तेमाल कर रहे वाहनों की तेज रफ्तार अब ग्रामीणों के लिए खतरा बनती जा रही है। थाना क्षेत्र के लोहरा गांव में शनिवार को टोल प्लाजा से बचकर गुजर रही एक कार की चपेट में आने से सात वर्षीय बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा और उन्होंने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करते हुए प्रशासन से बाहरी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाने की मांग की।जानकारी के अनुसार, गांव में एक आइसक्रीम विक्रेता के पास कई बच्चे खड़े थे। इसी दौरान गांव के संकरे रास्ते से गुजर रही तेज रफ्तार कार ने सात वर्षीय आकृति को टक्कर मार दी। हादसे में बच्ची के पैर में गंभीर चोटें आईं। स्थानीय लोगों की मदद से उसे उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। ग्रामीणों के अनुसार कार चालक ने बच्ची के इलाज का पूरा खर्च वहन करने की जिम्मेदारी ली है।ग्रामीण मुकेश कुमार निषाद ने बताया कि टोल प्लाजा शुरू होने के बाद से बड़ी संख्या में चार पहिया वाहन चालक शुल्क बचाने के लिए गांव के रास्ते का उपयोग कर रहे हैं। इससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। उनका कहना है कि गांव में बड़ी संख्या में बच्चे रहते हैं और सड़क पर खेलते या आते-जाते रहते हैं। ऐसे में तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही लगातार खतरा पैदा कर रही है। घायल बच्ची के परिजन साहब दीन निषाद ने बताया कि हादसा बच्ची के घर के पास हुआ। उनका आरोप है कि वाहन चालक टोल बचाने के लिए गांव के रास्तों में घुस आते हैं, जिससे ग्रामीणों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। वहीं बुजुर्ग ग्रामीण कीर्ति प्रसाद निषाद ने बताया कि इस समस्या को लेकर पूर्व में जिलाधिकारी को लिखित शिकायत भी दी गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने दावा किया कि लगातार हो रही दुर्घटनाओं में गांव के कई लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं।घटना से नाराज ग्रामीणों ने सड़क पर प्रदर्शन करते हुए गांव की सीमा पर बैरियर लगाने और बाहरी वाहनों की आवाजाही रोकने की मांग की। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई कर गांववासियों, विशेषकर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *