


गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता, आजमगढ़। सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन जिला अस्पतालों की जमीनी हकीकत कई बार इन दावों की पोल खोल देती है। आपको बता दे की जिला अस्पताल आजमगढ़ में ऐसा ही एक मामला सामने आया, जहां स्टेचर और व्हीलचेयर की सुविधा समय पर न मिलने के कारण एक पति को अपनी घायल पत्नी को गोद में उठाकर सीटी स्कैन कक्ष तक ले जाना पड़ा।जानकारी के अनुसार, सरायमीर थाना क्षेत्र के खनका गांव निवासी 26 वर्षीय अंतिमा दो दिन पहले रात में छत पर सोते समय नींद में नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। परिजनों ने पहले उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, लेकिन हालत में सुधार न होने पर डॉक्टरों ने मंगलवार को जिला अस्पताल रेफर कर दिया।दोपहर करीब तीन बजे पति योगेंद्र प्रसाद पत्नी को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। इमरजेंसी में जांच के बाद डॉक्टर ने सीटी स्कैन कराने की सलाह दी। योगेंद्र का आरोप है कि उन्होंने मरीज को सीटी स्कैन कक्ष तक ले जाने के लिए स्टेचर और व्हीलचेयर की मांग की, लेकिन काफी देर तक कोई व्यवस्था नहीं हो सकी। पत्नी की हालत को देखते हुए उन्होंने खुद ही अंतिमा को गोद में उठाया और सीटी स्कैन कक्ष तक लेकर पहुंचे।इस घटना का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अस्पताल प्रशासन की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद मरीजों को बुनियादी सुविधाएं तक समय पर नहीं मिल पा रही हैं। वहीं, कुछ लोगों का मानना है कि अस्पताल में मरीजों की संख्या अधिक होने और संसाधनों की कमी के कारण ऐसी स्थितियां उत्पन्न हो रही हैं। घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं और व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति को उजागर कर दिया है। अब देखना यह होगा कि अस्पताल प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या व्यवस्था करता है।
