




गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एसटीएफ को बड़ी सफलता मिली है। एसटीएफ प्रयागराज यूनिट और कुख्यात अपराधी भानु प्रताप सिंह उर्फ बबलू के बीच हुई मुठभेड़ में वह मारा गया। यह कार्रवाई अयोध्या क्षेत्र में हुई, जहां एसटीएफ की टीम लंबे समय से उसकी तलाश में जुटी थी। बता दें की आजमगढ़ जिले के थाना मुबारकपुर में 27 अक्टूबर को चर्चित हत्या के मामले में मुकदमा सं. 460/2025 में वांछित था। जिसने सुपारी लेकर पतिराज यादव की हत्या की थी। इसके अतिरिक्त उस पर 10 से अधिक विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत था। पुलिस के अनुसार एसटीएफ प्रयागराज यूनिट को सूचना मिली थी कि भानु प्रताप सिंह अयोध्या क्षेत्र में मौजूद है। सूचना के आधार पर प्रभारी निरीक्षक जे.पी. राय के नेतृत्व में टीम ने इलाके की घेराबंदी की। पुलिस द्वारा रोकने का प्रयास किए जाने पर आरोपी ने टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में हुई मुठभेड़ के दौरान वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, भानु प्रताप सिंह प्रदेश का कुख्यात अपराधी था। उसके खिलाफ हत्या, लूट, रंगदारी, डकैती समेत विभिन्न गंभीर अपराधों के करीब 40 मुकदमे दर्ज थे। कई जिलों की पुलिस ने उस पर इनाम घोषित कर रखा था। जनपद आजमगढ़ में उसके ऊपर अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी जोन द्वारा एक लाख रुपये, अंबेडकरनगर पुलिस ने 50 हजार रुपये तथा गोरखपुर पुलिस ने 15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। इस तरह उस पर कुल 1.65 लाख रुपये का इनाम था। भानु प्रताप सिंह उर्फ बबलू गोरखपुर जिले के बेलघाट थाना क्षेत्र के विधानापार गांव का निवासी था। वह लंबे समय से अपराध जगत में सक्रिय था और पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था। प्रदेश के विभिन्न जिलों में बस्ती, गोरखपुर, देवरिया, संतकबीर नगर, अंबेडकर नगर, मऊ तथा आजमगढ़ में उसके खिलाफ हत्या, लूट, रंगदारी, डकैती और अन्य गंभीर अपराधों के मामले दर्ज थे। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी।
