



गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी द्वारा सोमवार को अतरौलिया स्थित डाक बंगले पर एक दिवसीय राजनीतिक प्रशिक्षण एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि पार्टी के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता अरुण राजभर विशिष्ट अतिथि रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष (अनुशासन) अमरमणि कश्यप ने की।शिविर को संबोधित करते हुए ओमप्रकाश राजभर ने राजनीतिक भागीदारी को समाज के उत्थान की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि “पॉलिटिकल पावर इज द मास्टर की”। उन्होंने कहा कि राजनीति ऐसी चाबी है, जिससे समाज के हर बंद ताले खोले जा सकते हैं। थाने, तहसील और ब्लॉक स्तर पर आम जनता की समस्याओं का समाधान राजनीतिक जागरूकता और भागीदारी से ही संभव है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण शिविर के माध्यम से कार्यकर्ताओं को प्रशासनिक व्यवस्था और जनसमस्याओं के समाधान की जानकारी दी जा रही है। कैबिनेट मंत्री ने पिछड़े वर्ग के 27 प्रतिशत आरक्षण के बंटवारे का मुद्दा उठाते हुए कहा कि वर्ष 1993 से लागू आरक्षण का लाभ कुछ सीमित जातियों तक ही सिमट कर रह गया है। उन्होंने दावा किया कि उच्च न्यायालय ने भी अपने एक फैसले में माना था कि पिछड़ा वर्ग आरक्षण का वास्तविक लाभ कुछ चुनिंदा जातियों को ही मिल रहा है, जबकि निषाद, पाल, प्रजापति, विश्वकर्मा, नाई, मौर्य, पटेल, बिंद, केवट और चौहान जैसी अनेक जातियां इससे वंचित हैं। राजभर ने कहा कि सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने के लिए “कोटे में कोटा” व्यवस्था लागू करना जरूरी है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में गठित रोहिणी आयोग अपनी रिपोर्ट तैयार कर चुका है और जातिवार जनगणना की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। जनगणना पूरी होने के बाद आरक्षण का न्यायसंगत बंटवारा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट भी कोटे में कोटा व्यवस्था को सही ठहरा चुका है तथा हरियाणा सरकार इसे लागू कर चुकी है। आने वाले समय में उत्तर प्रदेश में भी इसे लागू किया जाएगा।उन्होंने कार्यकर्ताओं और अभिभावकों से बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की अपील करते हुए कहा कि नई आरक्षण व्यवस्था लागू होने पर पिछड़े और वंचित समाज के बच्चे भी प्रशासनिक और सरकारी सेवाओं में बड़ी संख्या में दिखाई देंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा और राजनीतिक जागरूकता ही समाज को मजबूत बनाएगी।मीडिया से बातचीत में सुभासपा प्रमुख ने बताया कि पार्टी की ओर से प्रदेश की करीब 62 विधानसभाओं में इस तरह के राजनीतिक एवं सामाजिक जागरूकता प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि पिछड़े और वंचित समाज को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा सके।इस दौरान पार्टी के क्षेत्रीय पदाधिकारी, कार्यकर्ता तथा निषाद और अन्य पिछड़े समाज के स्थानीय प्रतिनिधि बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
