



गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को जिलाध्यक्ष हवलदार यादव, पूर्व मंत्री एवं विधायक दुर्गा प्रसाद यादव तथा विधायक अखिलेश यादव के नेतृत्व में पुलिस अधीक्षक से मिला और थाना मुबारकपुर क्षेत्र के ग्राम रानीपुर में हुई हत्या की घटना को लेकर विरोध दर्ज कराया।सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि 20 मई 2026 को अपराधियों द्वारा एक गाड़ी पर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई थी, जिसमें दलित युवक सुशील कुमार की मौत हो गई थी, जबकि उमाशंकर यादव उर्फ पिंटू यादव घायल हो गए थे। मामले में मृतक के भाई की तहरीर पर पंकज सिंह उर्फ सोनू सिंह, अवनीश यादव और बबलू यादव समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।प्रतिनिधिमंडल का आरोप है कि घटना के तुरंत बाद घायल पिंटू यादव ने डायल 112 पर सूचना दी थी। पुलिस मौके पर पहुंची और उसे अपने साथ ले गई। सपा नेताओं ने कहा कि कई दिनों तक पुलिस द्वारा घायल युवक को बैठाकर प्रताड़ित किया गया और उसी को आरोपी बनाने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि मृतक के परिजन और स्थानीय लोग लगातार बता रहे हैं कि कई लोग मोटरसाइकिल से आए थे और फायरिंग की थी।सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष के दबाव में पुलिस नामजद आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है और विवेचना सही दिशा में नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि मामले में यादव और दलित समाज के लोगों को उठाकर पूछताछ के नाम पर प्रताड़ित किया जा रहा है।जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने कहा कि मुबारकपुर पुलिस निष्पक्ष जांच नहीं कर रही है और इंजर्ड विटनेस को ही फंसाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जातीय आधार पर काम कर रही है।सपा नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो समाजवादी पार्टी आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
