




गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,अतरौलिया। पुलिस का नाम सुनते ही लोगों के मन में सख्ती की छवि उभरती है, लेकिन थाना अतरौलिया पुलिस ने अपने संवेदनशील और मानवीय चेहरे से एक टूटते परिवार को फिर से जोड़कर समाज को बड़ा संदेश दिया है। थाना परिसर में उस समय भावुक माहौल बन गया, जब लंबे समय से अलग रह रहे पति-पत्नी ने पुलिस की समझाइश के बाद एक-दूसरे को माला पहनाकर साथ निभाने का संकल्प लिया।मामला थाना क्षेत्र की रहने वाली सीमा राजभर का है, जिन्होंने अपने पति राजू राजभर पर खर्चा न देने, मारपीट और गाली-गलौज करने का आरोप लगाते हुए अतरौलिया थाने में न्याय की गुहार लगाई थी। पीड़िता के अनुसार बीते 10 मार्च को पति ने उसे घर से निकाल दिया था, जिसके बाद वह अपने मायके ग्राम करमहां डिगूरपुर में रहने को मजबूर थी।मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना अध्यक्ष Devendra Nath Dubey ने तत्काल संज्ञान लिया और हेड कांस्टेबल मनोज यादव को जांच सौंपी। रविवार को थाना अध्यक्ष देवेंद्र नाथ दुबे एवं उपनिरीक्षक पवन शुक्ला की मौजूदगी में दोनों पक्षों को थाने बुलाया गया। पुलिस टीम ने बेहद धैर्य और आत्मीयता के साथ दोनों की बातें सुनीं और रिश्ते को बचाने का प्रयास किया।पुलिस की काउंसलिंग का असर ऐसा हुआ कि दोनों ने पुरानी कड़वाहट भुलाकर फिर से साथ रहने का फैसला कर लिया। समझौते के बाद थाना परिसर खुशी से गूंज उठा। पति-पत्नी ने एक-दूसरे को माला पहनाई, मिठाई खिलाई गई और दोनों ने भविष्य में कभी विवाद न करने का वादा किया।महिला के भाई पिंटू राजभर ने अतरौलिया पुलिस का आभार जताते हुए कहा कि थाना अध्यक्ष के प्रयासों से ही दोनों परिवार फिर से एक हो सके हैं।इस मौके पर थाना अध्यक्ष देवेंद्र नाथ दुबे ने कहा कि “पारिवारिक विवादों को केवल कानूनी नजरिए से नहीं, बल्कि सामाजिक और मानवीय दृष्टिकोण से भी देखने की जरूरत है। हर विवाद का अंत मुकदमे या अलगाव से नहीं होना चाहिए। हमारा प्रयास रहता है कि टूटते परिवारों को बचाया जाए, क्योंकि खुशहाल परिवार ही स्वस्थ समाज की नींव होते हैं।”अतरौलिया पुलिस की इस सराहनीय पहल की पूरे क्षेत्र में चर्चा हो रही है और लोग खाकी के इस मानवीय चेहरे की जमकर तारीफ कर रहे हैं।
