


शिक्षा की गुणवत्ता, फीस नियंत्रण, मिड-डे मील, विद्युत व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं पर सख्त निर्देश
गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की प्रश्न एवं सन्दर्भ समिति की बैठक सभापति ध्रुव कुमार त्रिपाठी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई, जिसमें आजमगढ़ मण्डल के तीनों जनपदों—आजमगढ़, मऊ और बलिया—के प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, आबकारी, ग्राम विकास और अन्य विभागों की विस्तृत समीक्षा की गई। सभापति ने बाल वाटिका से लेकर उच्च शिक्षा तक शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, फीस निर्धारण में पारदर्शिता लाने, काशन मनी की निगरानी तथा परीक्षा प्रणाली को नकलविहीन बनाने पर विशेष जोर दिया।
प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा की समीक्षा के दौरान स्कूलों में पेयजल व्यवस्था, हैण्डपम्पों के पानी की गुणवत्ता जांच, मीनू आधारित मिड-डे मील, तथा शत-प्रतिशत विद्युतीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। 12 विद्यालयों में बिजली न होने पर संबंधित अधिकारियों पर नाराजगी भी जताई गई। सभापति ने सभी बीएसए को निर्देश दिया कि स्कूलों में निर्धारित फीस सूची को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया जाए,ताकि अभिभावकों से अधिक वसूली न हो सके। साथ ही शिक्षकों के समय पर प्रमोशन, वेतन और पेंशन सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया। उच्च शिक्षा की समीक्षा में मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों में रिक्त पदों, फीस संरचना, हॉस्टल शुल्क, परिवहन व्यवस्था और छात्र सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय से सम्बद्ध कॉलेजों की परीक्षाओं को पारदर्शी और नकलविहीन कराने के निर्देश भी दिए गए। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में मेडिकल कॉलेज, सीएचसी और पीएचसी में डॉक्टरों और स्टाफ के रिक्त पदों को भरने, दवाओं की उपलब्धता और जांच सुविधाओं में सुधार पर जोर दिया गया। वहीं परिवहन विभाग को स्कूल बसों की फिटनेस और चालक-परिचालकों का सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक के अंत में तीनों जनपदों के जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों ने समिति को आश्वस्त किया कि दिए गए निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन कराया जाएगा। सभापति ने अधिकारियों से कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाते हुए सुशासन की स्थापना सुनिश्चित करें।
