


गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। प्रदेश की राजधानी लखनऊ सहित जौनपुर अमेठी के बाद आजमगढ़ में भी विवादित होर्डिंग ने सियासी माहौल गर्म कर दिया है। इस होर्डिंग में समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव की तुलना पाकिस्तान के ल्यारी शहर के रहमान डकैत से की गई है, जिससे क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है। होर्डिंग पर लिखा है, “आपको क्या चाहिए धुरंधर काम या अखिलेश का ल्यारी राज।”इस संदेश में पाकिस्तान के कराची स्थित ल्यारी इलाके का जिक्र है, जो कभी गैंगवार और हिंसा के लिए कुख्यात रहा है। हाल ही में रिलीज हुई फिल्म “धुरंधर” में इस इलाके का उल्लेख किया गया है।होर्डिंग में अखिलेश यादव के कार्यकाल पर निशाना साधते हुए उस दौरान हुई हिंसा और दंगों का जिक्र किया गया है। वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ की गई कार्रवाई को प्रमुखता से दर्शाया गया है। यह विवादित होर्डिंग ‘यूथ अगेंस्ट माफिया’ नामक संगठन द्वारा लगाई गई है। होर्डिंग पर संगठन के पदाधिकारियों के नाम और फोटो भी लगे हैं। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले इस तरह की राजनीतिक होर्डिंग लगाए जाने से आजमगढ़ में सियासी हलचल तेज हो गई है। जिले में समाजवादी पार्टी के दो सांसद, 10 विधायक और 2 एमएलसी हैं बावजूद इसके अभी तक समाजवादी पार्टी की तरफ से इस विवादित होर्डिंग पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इस विवादित होर्डिंग पर जब हमने समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता अशोक यादव से बात की तो उनका कहना है की ल्यारी राज असल में उत्तर प्रदेश में 2017 से शुरू हुआ है और इस ल्यारी राज में कोडीन माफिया, खनन माफिया, भू माफिया जल माफिया सहित तमाम माफिया गिरोह प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सरकार चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि होर्डिंग में जिसे धुरंधर दिखाया जा रहा है वह वास्तव में धुरंधर है पीडीए उत्पीड़न का धुरंधर है, भ्रष्टाचार का धुरंधर है, जातिवादी माफियाओं को संरक्षण देने का धुरंधर है। प्रदेश की जनता को यह हकीकत देखना चाहिए।
