
गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। जनपद के गंभीरपुर थाना क्षेत्र में पुलिस और एटीएम ठगी/चोरी में संलिप्त अंतरजनपदीय अभियुक्त के बीच मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ के दौरान अभियुक्त के बाएं पैर में गोली लग गई, जिसके बाद उसे घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उसके कब्जे से अवैध तमंचा, कारतूस, एटीएम कैश टैपिंग के उपकरण, नकदी और अर्टिगा कार बरामद की है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया शाखा रानीपुर रजमो के शाखा प्रबंधक धीरेन्द्र प्रताप पाण्डेय द्वारा 29 जनवरी 2026 को थाना गंभीरपुर में तहरीर दी गई थी। तहरीर में बताया गया कि 4 जनवरी 2026 को बैंक के एटीएम से ₹20,000 की निकासी विफल होने की शिकायत मिली थी। जांच के दौरान एटीएम मशीन में कोई अतिरिक्त नकदी नहीं पाई गई। सीसीटीवी फुटेज के सूक्ष्म निरीक्षण से यह सामने आया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने एटीएम के कैश डिस्पेंसर पर अवैध रूप से स्कीमिंग/कैश टैपिंग डिवाइस लगाई थी, जिससे नकदी मशीन के मुहाने पर फंस गई और बाद में डिवाइस हटाकर नकदी निकाल ली गई।इस संबंध में थाना गंभीरपुर पर मु0अ0सं0 26/2026 धारा 318(4) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में 2 फरवरी 2026 की तड़के गंभीरपुर पुलिस क्षेत्र में चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि एटीएम ठगी, चोरी और लूट की घटनाओं में शामिल अभियुक्त अर्टिगा कार से ठेकमा बाजार होते हुए रोहुआ तिराहा के रास्ते आजमगढ़ की ओर जा रहा है। सूचना पर पुलिस ने रोहुआ मुस्तफाबाद के पास घेराबंदी की।खुद को घिरता देख अभियुक्त ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस द्वारा आत्मरक्षार्थ की गई नियंत्रित जवाबी कार्रवाई में अभियुक्त संजय कुमार पुत्र मेवालाल, निवासी ग्राम पौधन रामपुर, थाना अखंडनगर, जनपद सुल्तानपुर (उम्र करीब 33 वर्ष) के बाएं पैर में गोली लग गई। घायल अभियुक्त को सुबह करीब 3:45 बजे पुलिस हिरासत में लेकर इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।पुलिस ने अभियुक्त के कब्जे से एक अवैध देशी तमंचा, दो जिंदा कारतूस, चार खोखा कारतूस (.315 बोर), एक अर्टिगा कार (UP 44 BR 0699), एटीएम कैश टैपिंग के उपकरण, तीन एटीएम कार्ड, एक मोबाइल फोन और 2530 रुपये नकद बरामद किए हैं।पूछताछ में अभियुक्त ने स्वीकार किया कि वह अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर संगठित रूप से एटीएम मशीनों में कैश टैपिंग कर ठगी की घटनाओं को अंजाम देता था। अभियुक्त और उसके साथी एटीएम के कैश डिस्पेंसर पर प्लास्टिक स्ट्रिप लगाकर नकदी को बाहर निकलने से रोक देते थे और बाद में स्ट्रिप हटाकर नकदी निकाल लेते थे। इस तरीके से पहले भी आजमगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों में ठगी की घटनाएं की गई थीं।गिरफ्तार अभियुक्त के खिलाफ थाना गंभीरपुर पर मु0अ0सं0 30/2026 धारा 109 बीएनएस व 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है। पुलिस के अनुसार अभियुक्त का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है और उसके विरुद्ध विभिन्न जनपदों में दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, घटना में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमों को लगाया गया है।
