

गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। ब्रह्मर्षि स्वामी सहजानंद सरस्वती सेवा न्यास के संस्थापक सहजानंद राय ने सिविल लाइंस स्थित अपने कैंप कार्यालय पर आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि आगामी 22 और 23 जनवरी को जनपद में एक भव्य अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी सह कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन स्वामी सहजानंद सरस्वती सेवा न्यास के साथ महाराजा सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय (आजमगढ़), यूनिवर्सिटी ऑफ अग्दर (नार्वे), ICAR-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (नई दिल्ली), अमरकंटक केंद्रीय विश्वविद्यालय, स्वदेशी शोध संस्थान (SSS) और रूहुना विश्वविद्यालय (श्रीलंका) के संयुक्त तत्वावधान में होगा।सहजानंद राय ने बताया कि कार्यक्रम का उद्घाटन उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और पद्मश्री डॉ. सुनील डबास द्वारा हरिऔध कला भवन में किया जाएगा। इसके बाद के सभी शैक्षणिक सत्र महाराजा सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित होंगे। प्रेस वार्ता के दौरान सहजानंद राय भावुक दिखे, उन्होंने बताया, “मेरे पिता जी एक शिक्षक थे और स्वामी सहजानंद सरस्वती जी के विचारों से इतने प्रभावित थे कि उन्होंने मेरा नाम सहजानंद रखा। स्वामी जी का मानना था कि सच्चा संन्यास समाज सेवा है और जब तक किसान शोषण मुक्त नहीं होगा, देश स्वतंत्र नहीं हो सकता।”इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति (GYAN) को सशक्त बनाना है। सरकारी योजनाओं पर चर्चासहजानंद राय ने केंद्र व प्रदेश सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार युवाओं को रोजगार, स्टार्टअप को सहायता और किसानों को सम्मान निधि के जरिए सशक्त बना रही है। आयुष्मान कार्ड और आवास योजना गरीबों के लिए वरदान साबित हो रही हैं।विश्वविद्यालय की तैयारीमहाराजा सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. प्रवेश सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय इस अंतरराष्ट्रीय सेमिनार को दिव्य और भव्य स्वरूप देने के लिए पूरी तरह उत्साहित और तैयार है। इस अवसर पर कार्यक्रम सचिव अवनीश राय ‘मानस’ और विश्वविद्यालय की ओर से डॉ. प्रवेश सिंह प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
