

गौरव श्रीवास्तव,आजमगढ़। उत्तर प्रदेश पुलिस की आपातकालीन सेवा यूपी-112 के प्रचार-प्रसार एवं जन-जागरूकता के उद्देश्य से जनपद आजमगढ़ में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में कुल 6 स्थानों पर नुक्कड़ नाटक आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि आमजन को यूपी-112 द्वारा प्रदान की जाने वाली त्वरित एवं एकीकृत सेवाओं की जानकारी दी जा सके। आपको बता दे की उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा यूपी-112 के माध्यम से नागरिकों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के लिए जनपद आजमगढ़ में 57 चार पहिया एवं 16 दो पहिया पीआरवी वाहनों का संचालन किया जा रहा है। दिनांक 29 दिसंबर 2025 को पुलिस महानिदेशक यूपी-112, लखनऊ के निर्देशानुसार, पुलिस उप महानिरीक्षक आजमगढ़ परिक्षेत्र के निर्देशन एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ के मार्गदर्शन में यह विशेष जन-जागरूकता अभियान प्रारंभ किया गया।अभियान के अंतर्गत यूपी-112 एवं उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा प्रदान की जा रही पुलिस, फायर सर्विस, मेडिकल सेवा, महिला पीआरवी, नाइट एस्कॉर्ट, सवेरा योजना जैसी आकस्मिक सेवाओं के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है। यह अभियान 29 से 30 दिसंबर 2025 तक दो दिनों तक चलेगा, जिसमें थाना क्षेत्रों के अंतर्गत कुल 6 स्थानों पर नुक्कड़ नाटक आयोजित किए जाएंगे। अभियान का उद्देश्य डायल 112 के प्रति जनविश्वास को मजबूत करना तथा “जन जागरूकता की बात, जन-जन के साथ” थीम के माध्यम से महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों एवं दिव्यांगजनों में सुरक्षा की भावना विकसित करना है।अभियान का शुभारंभ थाना कोतवाली क्षेत्र के कलेक्ट्रेट चौराहा (चौकी सिविल लाइन्स) से हुआ, जिसका उद्घाटन अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्री चिराग जैन ने किया। नुक्कड़ नाटक और संवादात्मक सत्र के माध्यम से महिलाओं की सुरक्षा और आम नागरिकों को आपात स्थिति में सही तरीके से यूपी-112 के उपयोग की जानकारी दी गई। साथ ही एलईडी वैन के माध्यम से यूपी-112 से संबंधित जागरूकता संदेश भी प्रदर्शित किए गए।कलेक्ट्रेट चौराहे के अलावा आगामी दो दिनों में पहाड़पुर तिराहा, भंवरनाथ तिराहा, हाईडिल तिराहा, नरौली तिराहा तथा सठियांव चौराहा पर भी जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।इस कार्यक्रम को सफल बनाने में निरीक्षक अभय राज मिश्रा (प्रभारी यूपी-112, आजमगढ़) एवं निरीक्षक अमित कुमार शुक्ला (मुख्यालय यूपी-112) सहित मुख्यालय एवं जनपदीय टीम के अधिकारियों व कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
