आजमगढ़ अपर आयुक्त-न्यायिक ने की धारा-67 के वादों के निस्तारण की तहसीलवार की समीक्षा

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पुराने लम्बित वादों के निस्तारण को प्राथमिकता देकर अधिक से अधिक वादों का निस्तारण करना सुनिश्चित करें: अपर आयुक्त

गौरव श्रीवास्तव,आज़मगढ़। मण्डलायुक्त विवेक के निर्देश पर क्रम में अपर आयुक्त-न्यायिक डॉ. अर्चना द्विवेदी ने शुक्रवार को देर सायं अपने कार्यालय कक्ष में मण्डल के तीनों जनपद आजमगढ़, बलिया एवं मऊ के तहसीलदार न्यायालयों में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धार-67 के अन्तर्गत योजित वादों के सापेक्ष वर्तमान माह में किये गये निस्तारण की समीक्षा किया। समीक्षा में तीनों जनपद के कतिपय तहसीलदार न्यायालय में वादों का निस्तारण कम पाये जाने पर अपर आयुक्त डॉ. द्विवेदी ने असन्तोष व्यक्त किया तथा निर्देश दिया कि एक सप्ताह के अन्दर वादों के निस्तारण अपेक्षित प्रगति लाना सुनिश्चित किया जाय। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि धारा-67 के अन्तर्गत तीन वर्ष से अधिक तथा पॉच वर्ष से अधिक अवधि के जितने भी वाद लम्बित हैं उसके निस्तारण को प्राथमिकता देते हुए अधिक से अधिक वादों का निस्तारण किया जाय। अपर आयुक्त डॉ. अर्चना द्विवेदी ने कहा कि उनके द्वारा धारा-67 के वादों की साप्ताहिक रूप से समीक्षा की जायेगी, इसलिए सभी तहीलदार नये और पुरानी वादों के अधिक से अधिक निस्तारण की सुदृढ़ कार्ययोजना बनाकर प्रत्येक सप्ताह अपेक्षित प्रगति लाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि धारा-67 के वादों के नियमानुसार निस्तारण हेतु मनोज कुमार सिंह बनाम स्टेट ऑफ यूपी एण्ड अदर्स में मा.उच्च न्यायालय द्वारा 6 अक्टूबर 2025 को पारित आदेश का भलीभांति अवलोकन कर लें तथा उसके अनुसार वादों का निस्तारण करें। अपर आयुक्त ने निर्णीत वादों के सापेक्ष मौके पर अनुपालन कराये जाने की स्थिति की समीक्षा में पाया कि अधिकांश तहसीलों में मौके पर अनुपालन कम हुआ है। उन्होंने इस स्थिति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिया निर्णीत वादों का मौके पर अनुपालन तत्परता से होना चाहिए, मौके पर अनुपालन कराये जाने के उपरान्त ही पत्रावली दाखिल दफ्तर कराई जाय। उल्लेखनीय है कि विगत दिवस मण्डलायुक्त विवेक ने राजस्व कार्यों एवं वादों के निस्तारण की मण्डलीय समीक्षा बैठक में धारा-67 के वादों के निस्तारण में तेजी लाने के दृष्टिगत अपर आयुक्त-न्यायिक डा. अर्चना द्विवेदी को मण्डल के अन्तर्गत तीनों जनपदों में तहसीलदार न्यायालयों में योजित वादों की नियमित रूप से तहसीलवार साप्ताहिक समीक्षा कर वस्तुस्थिति से अवगत कराये जाने के निर्देश दिये गये थे, जिसके क्रम में उक्त समीक्षा बैठक आयोजित की गयी थी। समीक्षा में अपर आयुक्त डा. द्विवेदी ने पाया कि जनपदों में इस धारा के अन्तर्गत पर्याप्त संख्या में पुराने वाद लम्बित हैं, जिसे प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने का उन्होंने निर्देश दिया। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी सिकन्दरपुर, बलिया देवेन्द्र कुमार पाण्डेय, प्रशासनिक अधिकारी राम अवध सहित आजमगढ़, बलिया एवं मऊ के सभी तहसीलदार उपस्थित थे।

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